नई दिल्ली: मार्च 2026 में सोने और चांदी के भावों में तेज गिरावट देखी गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर चांदी प्रति किलोग्राम 53,611 रुपये सस्ती हो गई। 27 फरवरी को चांदी का भाव 2,82,644 रुपये प्रति किलोग्राम था, जो 30 मार्च को घटकर 2,29,033 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया।एमसीएक्स पर 10 ग्राम 24 कैरेट सोना भी 18,209 रुपये सस्ता हुआ। 27 फरवरी को इसका भाव 1,65,659 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो 30 मार्च को 1,47,450 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
देशी बाजार में चांदी के दाम 36,565 रुपये प्रति किलोग्राम गिरे। फरवरी के अंत में 2,66,700 रुपये प्रति किलोग्राम से यह 2,30,135 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया। इसी तरह 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 12,364 रुपये सस्ता होकर 1,46,733 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया, जबकि फरवरी अंत में यह 1,59,097 रुपये था।
गिरावट अमेरिका-ईरान तनाव के बीच हुई, जिसमें कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से मुद्रास्फीति का खतरा बढ़ा। अमेरिकी फेड की स्थिर नीतिगत दरों और डॉलर की मजबूती को भी कीमतों पर दबाव का कारण बताया गया। घरेलू बाजार में जीएसटी और मेकिंग चार्ज जोड़ने पर अंतिम कीमत बढ़ जाती है। commodity बाजार 1 अप्रैल को बंद रहा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण जिम्मेदार हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने बाजार को प्रभावित किया है। इस तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया, जिससे मुद्रास्फीति बढ़ने की आशंका भी बढ़ी। जब महंगाई का खतरा बढ़ता है, तो निवेशक अपनी रणनीति बदलते हैं, जिसका सीधा असर सोने-चांदी जैसे कीमती धातुओं पर पड़ता है।
