समाचार मिर्ची

नई दिल्ली। सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। गुरुवार 12 फरवरी 2026 को एमसीएक्स (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर कारोबार की शुरुआत के साथ ही दोनों कीमती धातुओं में गिरावट देखी गई। चांदी में खास तौर पर तेज गिरावट आई, जो जनवरी में छुए गए अपने लाइफटाइम हाई से अब करीब ₹1.59 लाख प्रति किलोग्राम सस्ती हो चुकी है। सोना भी फिसलकर इंट्राडे लो पर पहुंचा। यह गिरावट मुख्य रूप से मजबूत अमेरिकी डॉलर और जनवरी जॉब्स डेटा के मजबूत आने से फेडरल रिजर्व के ब्याज दर कटौती की उम्मीदों पर असर के कारण हुई है।

चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट

इस साल की शुरुआत में चांदी ने जबरदस्त तेजी दिखाई थी। 29 जनवरी 2026 को एमसीएक्स पर चांदी फ्यूचर्स ने रिकॉर्ड हाई छुआ था, जहां मार्च डिलीवरी वाली चांदी ₹4,07,456 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थी। कुछ रिपोर्ट्स में यह ₹4 लाख के पार भी गई थी। जनवरी के अंत में चांदी ने ₹3.95 लाख से ₹4.10 लाख के बीच ट्रेड किया, जो निवेशकों के लिए आकर्षक रहा। लेकिन अब स्थिति बदल गई है।

जानकारी दे दें कि, 12 फरवरी को एमसीएक्स पर मार्च 2026 एक्सपायरी वाली चांदी फ्यूचर्स पिछले सेशन के क्लोज ₹2,63,018 प्रति किलोग्राम से गिरकर ओपन हुई। इंट्राडे में यह ₹2,58,730 तक लुढ़की, जो करीब 1.63% की गिरावट दर्शाती है। ट्रेडिंग के दौरान चांदी ₹2,60,000-₹2,61,000 के आसपास ट्रेड कर रही थी, जो पिछले हाई से लगभग ₹1.59 लाख (या ₹1,47,456 से ज्यादा) सस्ती है। यह गिरावट चांदी के इंडस्ट्रियल डिमांड और गोल्ड-सिल्वर रेशियो में बदलाव से भी जुड़ी है।

सोने की कीमतें भी फिसलीं

गोल्ड फ्यूचर्स पिछले क्लोज ₹1,58,755 प्रति 10 ग्राम से गिरकर ₹1,58,000 पर ओपन हुई। इंट्राडे लो ₹1,57,701 तक पहुंचा, जो ₹1,054 या 0.66% की गिरावट है। ट्रेडिंग में सोना ₹1,58,040 के आसपास था, जो 0.45% नीचे था। कॉमेक्स पर गोल्ड $5,000 के ऊपर टिका रहा, लेकिन स्पॉट गोल्ड $5,080 के आसपास ट्रेड कर रहा था। मजबूत यूएस जॉब्स डेटा ने रेट कट की उम्मीदों को कम किया, जिससे डॉलर मजबूत हुआ और सेफ हेवन एसेट्स पर दबाव पड़ा।

वही यह भी बताते चले कि, वर्तमान में मार्केट वोलेटाइल है। गोल्ड और चांदी में डिप्स पर खरीदारी अच्छी रणनीति हो सकती है, खासकर अगर आप लॉन्ग टर्म निवेशक हैं। चांदी इंडस्ट्रियल यूज (सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स) से ज्यादा प्रभावित होती है, इसलिए उसमें ज्यादा वोलेटिलिटी रहती है। गोल्ड सेफ हेवन है, लेकिन ग्लोबल इकोनॉमी और जियोपॉलिटिकल टेंशन पर नजर रखें। आने वाले दिनों में यूएस CPI डेटा और अन्य इकोनॉमिक इंडिकेटर्स से और हलचल हो सकती है। फिलहाल, प्रेशियस मेटल्स में करेक्शन जारी रह सकता है, लेकिन फंडामेंटल्स मजबूत हैं।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version