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तेहरान। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि मौजूदा संघर्ष में वह पीछे नहीं हटेगा। जब तक उसे हुए नुकसान की भरपाई यानी मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक जंग जारी रहेगी। ईरानी सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार मोहसिन रजेई ने टीवी पर दिए बयान में यह बात कही।

रजेई ने ईरान की शर्तें साफ बताईं। उन्होंने कहा कि सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएं और अमेरिका की ओर से भविष्य में किसी भी तरह की दखलंदाजी न करने की ठोस गारंटी दी जाए। रजेई ने यह भी कहा कि ईरानी सेना पूरी ताकत से ऑपरेशन चला रही है और देश का नेतृत्व नए सुप्रीम लीडर के तहत मजबूती से स्थिति संभाल रहा है।

रजेई ने आगे बताया कि यह युद्ध एक हफ्ते के भीतर खत्म हो सकता था, लेकिन इजराइल की वजह से यह जारी रहा। उनके अनुसार, अमेरिका युद्धविराम के लिए तैयार था, पर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमले जारी रखने पर जोर दिया। रजेई का दावा है कि युद्ध के 15वें दिन के बाद अमेरिका को भी समझ आ गया कि इस संघर्ष में जीत का कोई रास्ता नहीं है।

ईरानी संसद के उपसभापति अली निकजाद ने भी अमेरिका के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात कही। उन्होंने ट्रंप को झूठा बताते हुए कहा कि ईरान को अमेरिका पर भरोसा नहीं करना चाहिए। निकजाद ने कहा कि पहले भी दो बार बातचीत आगे बढ़ रही थी, तब अमेरिका ने ईरान पर हमला किया था। ईरान अपनी सैन्य क्षमता के साथ मजबूती से खड़ा है और किसी दबाव में आकर बातचीत नहीं करेगा।

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