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समाचार मिर्ची

नई दिल्ली। बजट 2025-26 में सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के तहत मिलने वाले लोन की सीमा को तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया है। इससे किसान खेती के अलावा पशुपालन और मछली पालन जैसी गतिविधियों के लिए भी अधिक वित्तीय सहायता ले सकेंगे। बढ़ी हुई सीमा का उपयोग बीज, खाद, कृषि मशीनरी, फसल भंडारण और अन्य जरूरी खर्चों के लिए किया जा सकता है।

किसान क्रेडिट कार्ड पर ब्याज दर बैंक और लागू नियमों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में यह करीब 7.25 प्रतिशत सालाना, पंजाब नेशनल बैंक में लगभग 7 प्रतिशत, एचडीएफसी बैंक में 9 प्रतिशत और एक्सिस बैंक में 7 से 13.10 प्रतिशत तक बताई गई है। समय पर या तय अवधि से पहले लोन चुकाने वाले पात्र किसानों को सरकार की इंटरेस्ट सबवेंशन स्कीम के तहत तीन प्रतिशत तक की अतिरिक्त छूट मिल सकती है।

KCC के लिए आमतौर पर आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड और जमीन के दस्तावेजों की जरूरत होती है। पशुपालन या मछली पालन के लिए संबंधित दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं। भूमि के मालिक किसान, बटाई या लीज पर खेती करने वाले तथा कुछ पात्र समूह आवेदन कर सकते हैं। आवेदन सरकारी, ग्रामीण या कोऑपरेटिव बैंक की शाखा में जाकर अथवा किसान ऋण पोर्टल और जन समर्थ पोर्टल के जरिए ऑनलाइन किया जा सकता है।

KCC की लोन लिमिट 5 लाख रुपये तक

किसान क्रेडिट कार्ड का उद्देश्य किसानों को उनकी कृषि जरूरतों के लिए समय पर संस्थागत ऋण उपलब्ध कराना है। पहले KCC के तहत अधिकतम 3 लाख रुपये तक की ऋण सीमा प्रमुख रूप से बताई जाती थी। अब इसे बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया गया है।

इस बदलाव से उन किसानों को विशेष मदद मिल सकती है जिन्हें खेती के मौसम में पहले की तुलना में ज्यादा कार्यशील पूंजी की आवश्यकता होती है। उदाहरण के लिए किसान बीज, खाद, सिंचाई, कृषि दवाओं, मजदूरी और अन्य कृषि खर्चों के लिए इस सुविधा का इस्तेमाल कर सकता है।

इसके अलावा KCC की बढ़ी हुई सीमा को पशुपालन और मछली पालन जैसी संबद्ध गतिविधियों के लिए भी उपयोगी बनाया गया है। इससे खेती के साथ अतिरिक्त आय के स्रोत विकसित करने वाले किसानों को वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।

बैंक के अनुसार अलग हो सकती है ब्याज दर

KCC के तहत मिलने वाले ऋण पर ब्याज दर सभी बैंकों में समान होना जरूरी नहीं है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अलग-अलग बैंक अपनी लागू शर्तों और नियमों के अनुसार ब्याज दर निर्धारित कर सकते हैं।

बताई गई दरों के मुताबिक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में करीब 7.25 प्रतिशत सालाना, पंजाब नेशनल बैंक में लगभग 7 प्रतिशत, एचडीएफसी बैंक में करीब 9 प्रतिशत और एक्सिस बैंक में लगभग 7 प्रतिशत से 13.10 प्रतिशत तक की ब्याज दर बताई गई है।

हालांकि किसान को केवल इन दरों को देखकर किसी बैंक का चुनाव नहीं करना चाहिए। वास्तविक ब्याज दर किसान की प्रोफाइल, ऋण की प्रकृति, राशि, अवधि, बैंक की नीति और लागू सरकारी नियमों के आधार पर अलग हो सकती है। आवेदन करने से पहले संबंधित बैंक से वर्तमान ब्याज दर और सभी शुल्कों की जानकारी लेना बेहतर है।

कुल मिलाकर किसान क्रेडिट कार्ड की ऋण सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये किए जाने से कृषि क्षेत्र में कार्यशील पूंजी की जरूरत पूरी करने वाले किसानों को राहत मिल सकती है। खेती के अलावा पशुपालन और मछली पालन जैसी गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता का दायरा बढ़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में विविधता लाने में भी मदद मिल सकती है।

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