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समाचार मिर्ची

नई दिल्ली।अगस्त का महीना किसानों के लिए मानसून के साथ कमाई का अवसर लेकर आता है। इस समय सही सब्जियां लगाने से नवरात्र, दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों के दौरान जब बाजार में सब्जियों के भाव ऊंचे होते हैं, अच्छी कमाई हो सकती है। अगेती सब्जियों की मांग ज्यादा और आपूर्ति कम रहने से रेट्स में उछाल देखने को मिलता है। सही वैरायटी, उठी हुई क्यारियां और पानी निकलने का ध्यान रखना जरूरी है।अगेती फूलगोभी की रोपाई अगस्त में करने से पौधे अक्टूबर तक तैयार हो जाते हैं, जब आम सीजन की गोभी बाजार में नहीं होती। शुरुआत में आवक कम होने से मंडी में सामान्य दिनों से दो से तीन गुना ज्यादा भाव मिल सकता है। खेत में बारिश का पानी न रुके, इसके लिए मेढ़ बनाकर रोपाई करें। पूसा कातकी या पूसा दीपाली जैसी अगेती किस्मों का चुनाव करें। सही खाद और देखभाल से फूल का साइज और सफेदी अच्छी आती है।

नवरात्र, दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों के आसपास कई क्षेत्रों में सब्जियों की खपत बढ़ती है। वहीं अगेती सब्जियों की बाजार में आवक सामान्य सीजन की तुलना में कम हो सकती है। ऐसी स्थिति में मांग और आपूर्ति के अंतर के कारण कुछ सब्जियों के भाव में तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि बाजार भाव मौसम, उत्पादन, स्थानीय मांग और मंडी की आवक पर निर्भर करते हैं। इसलिए किसानों को संभावित भाव को निश्चित मुनाफे के रूप में नहीं देखना चाहिए।

यहां हम आपको बता दें कि, हरी मिर्च की रोपाई अगस्त में करने से पौधों की ग्रोथ अच्छी होती है। एक बार पौधे सेट होने पर यह कई महीनों तक तुड़ाई देती रहती है। तीखी और चमकदार मिर्च की मांग घरों, होटलों और प्रोसेसिंग यूनिट्स में सालभर रहती है। लीफ कर्ल वायरस और रस चूसक कीड़ों से बचने के लिए हाइब्रिड बीजों का इस्तेमाल करें और मल्चिंग शीट बिछाएं। मल्चिंग से खरपतवार नियंत्रण होता है और उत्पादन बढ़ता है। हर हफ्ते मंडी में बेचकर कैश फ्लो मिलता रहता है।अगस्त के आखिरी हफ्ते में हरी धनिया की बुवाई कम समय में मुनाफा कमाने का विकल्प है। मानसून में हरी धनिया की किल्लत से रेट्स 150 से 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाते हैं। फसल 35 से 40 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। गलने की बीमारी से बचने के लिए शेड नेट या उठी हुई क्यारियों का इस्तेमाल करें। बुवाई से पहले बीजों को दो हिस्सों में तोड़कर बीजोपचार करें ताकि फंगस का खतरा न रहे। यह कम लागत में जल्दी रिटर्न देने वाली फसल है।

कुल मिलाकर अगस्त में अगेती फूलगोभी, हरी मिर्च और हरी धनिया की खेती किसानों के लिए अतिरिक्त आय का अवसर बन सकती है। फूलगोभी में अगेती बाजार का फायदा, हरी मिर्च में बार-बार तुड़ाई और धनिया में कम अवधि में तैयार होने की क्षमता इसे उपयोगी विकल्प बनाती है। सही किस्म, बेहतर जल निकासी, संतुलित पोषण, समय पर फसल प्रबंधन और बाजार की सही जानकारी के साथ किसान मानसून के इस मौसम को अतिरिक्त कमाई के अवसर में बदलने की कोशिश कर सकते हैं।

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