पटना: राजधानी पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक फैजल खान उर्फ खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई अब 3 जुलाई को होगी। पटना सिविल कोर्ट ने मामले में उनके दोनों निजी सुरक्षा गार्डों के हथियारों के लाइसेंस की वैधता से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
कोचिंग विवाद से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष ने अदालत को बताया कि 2 जून की रात हुई घटना में खान सर के दोनों गार्ड अवैध हथियार लेकर मौजूद थे और दहशत फैलाने के उद्देश्य से फायरिंग की गई थी। खान सर की ओर से पेश अधिवक्ता ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि दोनों सुरक्षा गार्डों के हथियार पूरी तरह लाइसेंसी हैं और सभी दस्तावेज पुलिस ने जांच के दौरान जब्त कर लिए हैं।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले के अनुसंधानकर्ता को हथियारों के लाइसेंस और संबंधित जब्त दस्तावेज 3 जुलाई को अदालत में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। अदालत ने अगली सुनवाई तक फैजल खान की गिरफ्तारी पर लगी अंतरिम रोक को भी बरकरार रखा है। इससे पहले 27 जून को हुई सुनवाई में अदालत ने केस डायरी का अध्ययन करने के लिए समय दिया था।
सुनवाई के दौरान क्या हुआ?
मंगलवार को हुई सुनवाई में सरकारी पक्ष और बचाव पक्ष दोनों ने अदालत के समक्ष अपने-अपने तर्क रखे। सरकारी पक्ष की ओर से अदालत को बताया गया कि 2 जून की रात हुई घटना के दौरान खान सर के दोनों निजी सुरक्षा गार्ड हथियारों के साथ मौके पर मौजूद थे। अभियोजन पक्ष का दावा है कि इन हथियारों के संबंध में जांच की जा रही है और घटना के दौरान फायरिंग कर दहशत फैलाने का प्रयास किया गया।
दूसरी ओर, खान सर की ओर से पेश अधिवक्ता ने इन आरोपों का विरोध करते हुए अदालत में कहा कि दोनों सुरक्षा गार्डों के पास मौजूद हथियार पूरी तरह वैध लाइसेंस के आधार पर रखे गए थे। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि संबंधित लाइसेंस और अन्य आवश्यक दस्तावेज पहले ही पुलिस जांच के दौरान जब्त किए जा चुके हैं, इसलिए उन्हें अलग से प्रस्तुत करना फिलहाल संभव नहीं है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में स्थित खान ग्लोबल स्टडीज से जुड़े एक विवाद के बाद दर्ज हुआ। जांच एजेंसियां घटना से संबंधित सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। मामले में हथियारों के उपयोग, सुरक्षा गार्डों की भूमिका और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच भी शामिल है।
हालांकि, इस मामले में अभी जांच जारी है और अदालत ने किसी भी पक्ष के दावों को अंतिम रूप से स्वीकार या अस्वीकार नहीं किया है। फिलहाल दोनों पक्षों के तर्क न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
अब इस मामले में अगला महत्वपूर्ण चरण 3 जुलाई को होगा, जब जांच अधिकारी अदालत में सुरक्षा गार्डों के हथियारों के लाइसेंस और अन्य संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद अदालत उपलब्ध रिकॉर्ड, जांच की स्थिति और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर अग्रिम जमानत याचिका पर आगे की सुनवाई करेगी।
फिलहाल अदालत ने केवल दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है और गिरफ्तारी पर लगी अंतरिम रोक को बरकरार रखा है। मामले की जांच अभी जारी है और किसी भी पक्ष की कानूनी जिम्मेदारी या दोष का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।
