नई दिल्ली।गर्मियों के चिलचिलाती धूप वाले मौसम में खीरे की अच्छी पैदावार के लिए सही सिंचाई बहुत जरूरी है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार खीरे के फल में लगभग 95 प्रतिशत पानी होता है, इसलिए मिट्टी में नमी का सही बैलेंस बनाए रखना आवश्यक है।तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण गमले या खेत की मिट्टी तेजी से सूख जाती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि गर्मियों में खीरे के पौधों को हर दिन यानी रोजाना पानी देने की जरूरत होती है, ताकि पौधों की ग्रोथ पर कोई बुरा असर न पड़े।
विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम और बढ़ती गर्मी को देखते हुए किसानों को सिंचाई के आधुनिक तरीकों को अपनाने की जरूरत है। सही समय पर पानी देने, मिट्टी में नमी बनाए रखने और पौधों को फंगस से बचाने जैसे उपाय अपनाकर खीरे की खेती को ज्यादा लाभदायक बनाया जा सकता है। खासकर गर्मियों में नियमित देखभाल और सही सिंचाई से उत्पादन में अच्छी बढ़ोतरी संभव है।
अंत में यह बता दें कि, गर्मियों में खीरे के पौधों की देखभाल करने वाले किसानों और बागवानी प्रेमियों के लिए यह जरूरी है कि वे पौधों को रोजाना सुबह या शाम पानी दें, दोपहर की सिंचाई से बचें और पत्तियों के बजाय जड़ों में पानी पहुंचाएं। इन आसान लेकिन महत्वपूर्ण उपायों को अपनाकर स्वस्थ पौधे और बेहतर गुणवत्ता वाले खीरे प्राप्त किए जा सकते हैं।
