समाचार मिर्ची

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भोपाल: धान किसानों को कब और कैसे मिलेगा ₹2000 प्रति हेक्टेयर? पूरी जानकारी यहां –  मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के धान किसानों के लिए बड़ी घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को कहा कि प्रदेश के धान उत्पादक किसानों को प्रति हेक्टेयर ₹2000 की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह योजना इसी माह से लागू होगी, जिससे हजारों किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा।

धान और गेहूं किसानों के लिए नई योजना

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में भी बढ़ोतरी की है। केंद्र सरकार द्वारा तय ₹2425 प्रति क्विंटल के MSP के ऊपर ₹175 का बोनस दिया जाएगा, जिससे मध्यप्रदेश में गेहूं का प्रभावी समर्थन मूल्य ₹2600 प्रति क्विंटल हो गया है। धान किसानों को भी प्रति हेक्टेयर ₹2000 की सहायता राशि दी जाएगी, जिससे वे अपनी खेती की लागत का कुछ भार कम कर सकेंगे।

इसके अलावा, सरकार डेयरी किसानों से दूध खरीदेगी और उन्हें बोनस देगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि एक अन्य पहल में किसानों को सोलर पंप मिलेंगे जिससे उन्हें बिज…

कृषि के अलावा अन्य योजनाओं का भी जिक्र

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर के उमरिया गांव में एक गौशाला परियोजना के पहले चरण का भूमिपूजन किया, जहां 53 एकड़ में गौशाला विकसित की जाएगी। इस दौरान उन्होंने गौ-संरक्षण और गौ-वंश की देखभाल के लिए उठाए जा रहे कदमों पर भी चर्चा की।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने प्रदेश में चल रही नदी जोड़ो परियोजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक प्रोजेक्ट के जरिए किसानों को सिंचाई का बेहतर विकल्प मिलेगा। सरकार का लक्ष्य सिंचाई क्षेत्र को 1 करोड़ हेक्टेयर तक बढ़ाने का है, जिससे प्रदेश के कृषि उत्पादन में वृद्धि हो सके।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार 90,000 से अधिक मेधावी छात्रों को 21 फरवरी को ₹25,000 की लैपटॉप सहायता राशि देगी। साथ ही, सरकारी भर्तियों और निजी क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों पर भी चर्चा की गई।

इसके अलावा, धार्मिक नगरों में शराबबंदी लागू करने की योजना का भी जिक्र किया गया, जिसके तहत शराब की दुकानों की जगह दूध की दुकानें खोली जाएंगी।

कृषि के अलावा अन्य योजनाओं का भी जिक्र

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर के उमरिया गांव में एक गौशाला परियोजना के पहले चरण का भूमिपूजन किया, जहां 53 एकड़ में गौशाला विकसित की जाएगी। इस दौरान उन्होंने गौ-संरक्षण और गौ-वंश की देखभाल के लिए उठाए जा रहे कदमों पर भी चर्चा की।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने प्रदेश में चल रही नदी जोड़ो परियोजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक प्रोजेक्ट के जरिए किसानों को सिंचाई का बेहतर विकल्प मिलेगा। सरकार का लक्ष्य सिंचाई क्षेत्र को 1 करोड़ हेक्टेयर तक बढ़ाने का है, जिससे प्रदेश के कृषि उत्पादन में वृद्धि हो सके।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार 90,000 से अधिक मेधावी छात्रों को 21 फरवरी को ₹25,000 की लैपटॉप सहायता राशि देगी। साथ ही, सरकारी भर्तियों और निजी क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों पर भी चर्चा की गई।

इसके अलावा, धार्मिक नगरों में शराबबंदी लागू करने की योजना का भी जिक्र किया गया, जिसके तहत शराब की दुकानों की जगह दूध की दुकानें खोली जाएंगी।

धान किसानों को आर्थिक मदद से कितनी राहत मिलेगी?

धान की खेती में किसानों को उर्वरक, पानी और श्रम पर भारी खर्च करना पड़ता है। सरकार द्वारा दी जा रही ₹2000 प्रति हेक्टेयर की सहायता राशि से किसानों को कुछ हद तक राहत जरूर मिलेगी, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह राशि उत्पादन लागत को पूरा करने के लिए पर्याप्त होगी?

कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, धान उत्पादन की लागत हर साल बढ़ रही है, खासकर उर्वरकों और डीजल की कीमतों में वृद्धि के कारण। ऐसे में, यह देखना होगा कि यह प्रोत्साहन राशि किसानों की वास्तविक जरूरतों को कितना पूरा कर पाएगी।

किसानों को कब और कैसे मिलेगा लाभ?

सरकार के अनुसार, यह योजना इसी माह से लागू होगी, और किसानों को यह राशि उनके खातों में ट्रांसफर की जाएगी। हालांकि, इसकी प्रक्रिया और पात्रता को लेकर अभी स्पष्ट दिशा-निर्देश सामने नहीं आए हैं।

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