पाकिस्तान। पाकिस्तान सरकार ने अमेरिका-इजरायल-ईरान संघर्ष के कारण वैश्विक तेल कीमतों में तेज उछाल के प्रभाव से निपटने के लिए कड़े किफायत उपायों की घोषणा की है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को इन कदमों की जानकारी दी, जिसमें कच्चे तेल की कीमत 60 डॉलर से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल से अधिक हो गई है। पाकिस्तान ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 20 फीसदी की बढ़ोतरी की है, जिसमें प्रति लीटर तक 55 पाकिस्तानी रुपये का इजाफा हुआ। अब पेट्रोल 335.86 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर और डीजल 321.17 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर हो गया है।
इस संकट से निपटने के लिए सरकार ने कई सख्त फैसले लिए हैं। सभी स्कूल इस सप्ताह के अंत से दो हफ्ते के लिए बंद रहेंगे, जबकि उच्च शिक्षा तुरंत ऑनलाइन शुरू की जाएगी। संघीय और प्रांतीय कैबिनेट के सदस्यों, मंत्रियों, सलाहकारों और विशेष सहायकों को अगले दो महीने तक वेतन और भत्ते नहीं मिलेंगे। संसद सदस्यों के वेतन में 25 फीसदी की कटौती की जाएगी। मंत्रियों और अन्य अधिकारियों की विदेश यात्राएं पूरी तरह रोक दी गई हैं, सिवाय राष्ट्रीय हित में आवश्यक यात्राओं के।
सरकारी दफ्तर हफ्ते में केवल चार दिन खुलेंगे, जबकि कर्मचारियों का आधा हिस्सा वर्क फ्रॉम होम करेगा, हालांकि बैंक और आवश्यक सेवाएं इससे छूट प्राप्त हैं। सरकारी विभागों के वाहनों के लिए ईंधन भत्ता दो महीने तक 50 फीसदी कम किया जाएगा और 60 फीसदी सरकारी वाहन सड़कों से हटा दिए जाएंगे। सभी सरकारी विभागों को खर्च में 20 फीसदी की कटौती करनी होगी। इन उपायों का उद्देश्य ईंधन की खपत कम करना और आर्थिक दबाव को संभालना है।
