नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र में हंगामा जारी है। मंगलवार को राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी को लेकर राज्यसभा और लोकसभा दोनों सदनों में बहस हुई। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और केंद्र सरकार से ईडी, सीबीआई जैसी एजेंसियों की कार्रवाई पर जवाब मांगा। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर पलटवार करते हुए कहा कि जिन्होंने राम मंदिर का विरोध किया, वे अब इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं। तीखी नोकझोंक के बाद सभापति सीपी राधाकृष्णन ने व्यवस्था बहाल करने की कोशिश की, लेकिन शोर-शराबे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे और फिर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
यहां यह बता दें कि, बाद में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 चर्चा के लिए पेश किया, जिसे विपक्ष के विरोध के बीच ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कराधान और अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक, 2026 तथा विनियोजन (संख्या-3) विधेयक, 2026 पेश किए। दोनों विधेयक बिना विस्तृत चर्चा के ध्वनिमत से पारित हो गए। लगातार हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 अब राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
वही यह भी जानकारी वदेते चले कि, बुधवार को संसद भवन परिसर में छात्रों पर एक्शन के खिलाफ विपक्षी नेताओं का मार्च चल रहा है। राहुल गांधी ने पूछा कि पैलेट गन किसके आदेश पर चली है। विपक्षी नेता गृह मंत्री अमित शाह से जवाब देने की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है। उन्होंने 20 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर चर्चा की मांग की है और अमित शाह से विस्तृत बयान मांगा है।कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भी लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है। उन्होंने नए दलबदल विरोधी कानून की रूपरेखा पर चर्चा कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ऐसा नया कानून बनाया जाए, जो स्वार्थ और अवसरवाद से प्रेरित सामूहिक राजनीतिक दलबदल पर प्रभावी रोक लगाए तथा वास्तविक वैचारिक या नीतिगत मतभेदों के आधार पर ईमानदार असहमति के लिए पर्याप्त लोकतांत्रिक स्थान सुनिश्चित करे।
राम मंदिर मुद्दे पर राज्यसभा में तीखी बहस
मंगलवार को राज्यसभा में राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा विपक्ष ने जोर-शोर से उठाया। नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और केंद्र सरकार से मामले में जवाब मांगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता के आरोप सामने आए हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जैसी एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि जिन राजनीतिक दलों ने पहले राम मंदिर निर्माण का विरोध किया था, वे अब इस मुद्दे पर राजनीति करने का प्रयास कर रहे हैं। उनके बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिससे सदन में कई बार व्यवधान उत्पन्न हुआ।
लोकसभा में भी पारित हुए महत्वपूर्ण विधेयक
लोकसभा में भी मंगलवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कराधान और अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक, 2026 तथा विनियोजन (संख्या-3) विधेयक, 2026 पेश किए। सदन में जारी हंगामे के बीच इन दोनों विधेयकों को भी ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।
हालांकि विपक्ष ने बिना विस्तृत चर्चा के विधेयकों के पारित होने पर आपत्ति जताई, लेकिन सरकार ने संसदीय प्रक्रिया के तहत आवश्यक कार्यवाही पूरी करते हुए विधेयकों को मंजूरी दिला दी।
अंत मे बताते चले कि, बुधवार को भी संसद परिसर में विपक्ष का विरोध जारी है और विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा जा रहा है। आने वाले दिनों में छात्रों के प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई, राम मंदिर से जुड़े मुद्दे तथा दलबदल विरोधी कानून जैसे विषयों पर संसद में और बहस होने की संभावना है।मॉनसून सत्र के शेष दिनों में सरकार के विधायी एजेंडे के साथ-साथ विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे राजनीतिक और जनहित के मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रहेंगे। संसद की आगामी कार्यवाही पर सभी राजनीतिक दलों और आम जनता की नजर बनी हुई है।
