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नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र और घरेलू सुरक्षा की दृष्टि से कुछ पौधे हरियाली के साथ जोखिम भी पैदा कर सकते हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, घनी झाड़ियों और कुछ विशेष पौधे सांप और बिच्छुओं को आकर्षित कर सकते हैं।घर या अपार्टमेंट की बालकनी और बगीचे में लगाए जाने वाले चार पौधों के प्रति सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इनमें चमेली शामिल है, जो तेजी से बढ़ती है और घनी लताओं के नीचे नमी तथा सूखी पत्तियां जमा होकर कीड़ों और छिपकलियों के लिए छिपने की जगह बनाती हैं, जिससे सांप आकर्षित हो सकते हैं।

दूसरा केला का पौधा है, जिसके चौड़े पत्ते जमीन पर गिरकर नमी बनाए रखते हैं और बिच्छुओं तथा रेंगने वाले जीवों को आकर्षित करते हैं। तीसरे, जुनिपर झाड़ियां जमीन के करीब फैलकर अंधेरा और सुरक्षित कोना बनाती हैं, जहां बिच्छू छिप सकते हैं और सांप सुरक्षित गलियारे के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। चौथे, ग्राउंडकवर और सजावटी बेलें जमीन को पूरी तरह ढक लेती हैं, जिससे नीचे की गतिविधि देख पाना मुश्किल हो जाता है और ये सांप-बिच्छुओं के लिए अड्डा बन सकती हैं।

वास्तु अनुसार इन पौधों को उचित दिशा में लगाने के साथ नियमित कटाई-छंटाई, सफाई और रोशनी की व्यवस्था जरूरी है। पौधों के नीचे कचरा जमा न होने दें, पानी का जमाव रोकें और मुख्य द्वार के पास घने पौधों से बचें। ईशान कोण को साफ रखें तथा घर की परिधि पर खुले स्थान बनाए रखें।

वास्तु शास्त्र क्या कहता है?

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में पौधों की दिशा और रखरखाव दोनों महत्वपूर्ण माने जाते हैं। मान्यता है कि ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) को साफ और खुला रखना शुभ माना जाता है। मुख्य द्वार के आसपास अत्यधिक घने पौधे लगाने से बचने की सलाह दी जाती है, ताकि पर्याप्त रोशनी और खुलापन बना रहे।

हालांकि यह वास्तु संबंधी पारंपरिक मान्यताएं हैं और इनका वैज्ञानिक प्रमाण अलग विषय है। घर की सुरक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात नियमित सफाई और उचित रखरखाव है।

घर में पौधे लगाना पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभदायक है, लेकिन उनके रखरखाव में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। चमेली, केला, जुनिपर और ग्राउंडकवर पौधों के आसपास नियमित सफाई, कटाई-छंटाई और पानी का उचित प्रबंधन करने से सांप, बिच्छू तथा अन्य रेंगने वाले जीवों के छिपने की संभावना कम की जा सकती है। इसलिए पौधों को हटाने की बजाय उनकी वैज्ञानिक तरीके से देखभाल करना ही सबसे सुरक्षित और प्रभावी उपाय माना जाता है।

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