Skip to main content

समाचार मिर्ची

नई दिल्ली।  पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत देश के करोड़ों किसानों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन किस्तों में दी जाती है। प्रत्येक किस्त 2,000 रुपये की होती है और यह राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाती है। हाल ही में 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी की गई थी, जिसमें करीब 9.44 करोड़ किसानों के खातों में कुल 18,880 करोड़ रुपये पहुंचाए गए थे। अब 24वीं किस्त अगस्त से नवंबर 2026 के बीच आने की उम्मीद है, हालांकि इसकी सटीक तारीख की घोषणा अभी नहीं हुई है।

यहां हम आपको बता दें कि, कई बार किस्त का पैसा तैयार होने के बावजूद कुछ किसानों के खाते में राशि नहीं पहुंच पाती, क्योंकि उन्होंने जरूरी औपचारिकताएं समय पर पूरी नहीं की होतीं। योजना का लाभ लेने के लिए eKYC कराना अनिवार्य कर दिया गया है। जिन किसानों ने अभी तक eKYC पूरी नहीं की है, उनकी किस्त रुक सकती है। इसे नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर या पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर ओटीपी के माध्यम से स्वयं भी पूरा किया जा सकता है। आधार और बैंक खाते की लिंकिंग भी जांच लेनी चाहिए।

इस संबंध में जानकारी दे दें कि, जमीन के कागजात सरकार के पास सही और अपडेट होने चाहिए। जमीन के रिकॉर्ड में गलती या पुराने आंकड़ों के कारण भी किस्त अटक सकती है। किसानों को अपने राज्य के राजस्व विभाग या पीएम किसान पोर्टल पर जाकर जमीन संबंधी जानकारी अवश्य जांच लेनी चाहिए। कुछ राज्यों में अब Farmer ID बनवाना भी अनिवार्य कर दिया गया है। जहां यह आवश्यक है, वहां के किसानों को फार्मर आईडी जरूर बनवा लेनी चाहिए।यदि किसान ये सभी कार्य समय रहते पूरा कर लें, तो अगली किस्त बिना रुकावट के उनके खाते में आ जाती है। अपनी किस्त का स्टेटस जानने के लिए किसान pmkisan.gov.in पर आधार नंबर या मोबाइल नंबर डालकर आसानी से जांच सकते हैं।

साल में मिलते हैं 6,000 रुपये

PM Kisan योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन किस्तों में दी जाती है। प्रत्येक किस्त 2,000 रुपये की होती है। राशि सीधे बैंक खाते में भेजे जाने के कारण बैंक खाता और लाभार्थी की पहचान से जुड़े रिकॉर्ड का सही होना महत्वपूर्ण है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को खेती से जुड़े खर्चों के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। किसान इस राशि का उपयोग अपनी जरूरत के अनुसार कृषि गतिविधियों और अन्य संबंधित खर्चों में कर सकते हैं।

हालांकि हर किसान को स्वतः भुगतान नहीं मिलता। योजना में पात्रता से जुड़े नियमों के साथ जरूरी सत्यापन और रिकॉर्ड का सही होना भी महत्वपूर्ण है। इसलिए 24वीं किस्त से पहले किसान अपने रिकॉर्ड की जांच कर लें।

किस्त अटकने पर क्या करें?

यदि पात्र किसान को किस्त का भुगतान नहीं मिलता है तो सबसे पहले घबराने के बजाय स्टेटस की जांच करनी चाहिए। eKYC, बैंक विवरण, आधार से जुड़ी जानकारी, भूमि रिकॉर्ड और Farmer ID की आवश्यकता जैसे बिंदुओं की जांच करें।

यदि किसी जानकारी में गलती है तो संबंधित विभाग, बैंक या अधिकृत CSC के माध्यम से उसे ठीक कराने की प्रक्रिया पूरी करें। केवल भुगतान न आने का मतलब यह नहीं है कि किसान योजना के लिए स्थायी रूप से अपात्र हो गया है। वास्तविक कारण स्टेटस और संबंधित रिकॉर्ड की जांच के बाद ही पता चलेगा।

किसानों के लिए जरूरी चेकलिस्ट

24वीं किस्त से पहले किसान इन बातों की जांच कर सकते हैं:

  • eKYC पूरी है या नहीं।
  • आधार से जुड़ी जानकारी सही है या नहीं।
  • बैंक खाते की स्थिति ठीक है या नहीं।
  • आधार और बैंक संबंधी लिंकिंग की जांच हो चुकी है या नहीं।
  • जमीन का रिकॉर्ड अपडेट और सही है या नहीं।
  • राज्य में Farmer ID अनिवार्य है तो वह बनी है या नहीं।
  • PM Kisan पोर्टल पर लाभार्थी और भुगतान की स्थिति क्या है।

कुल मिलाकर PM Kisan की 24वीं किस्त की सटीक तारीख का इंतजार कर रहे किसानों के लिए अभी से अपने रिकॉर्ड दुरुस्त करना जरूरी है। eKYC, आधार-बैंक विवरण, जमीन का रिकॉर्ड और आवश्यक होने पर Farmer ID की जांच समय रहते कर लेने से भुगतान प्रक्रिया में आने वाली कई संभावित दिक्कतों को कम किया जा सकता है। किसानों को किस्त से जुड़ी किसी भी नई जानकारी के लिए PM Kisan के आधिकारिक पोर्टल और संबंधित सरकारी विभाग की सूचनाओं को ही प्राथमिकता देनी चाहिए।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version