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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने किसानों को मौसम के उतार-चढ़ाव और बाजार में अचानक दाम गिरने से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान यानी पीएम आशा योजना शुरू की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी फसल की मेहनत का पूरा मूल्य यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित करना है।

यहां हम आपको बता दें कि, पीएम आशा योजना मुख्य रूप से तीन रणनीतियों पर काम करती है। पहली है मूल्य समर्थन योजना (PSS), जिसमें बाजार भाव गिरने पर सरकारी एजेंसियां दालों, तिलहनों और खोपरा जैसी फसलों को तय MSP पर सीधे किसानों से खरीदती हैं। दूसरी है मूल्य न्यूनता भुगतान योजना (PDPS), जिसमें किसान बाजार में फसल बेच सकते हैं और अगर भाव MSP से कम मिले तो अंतर की राशि सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।

तीन प्रमुख रणनीतियों पर आधारित है योजना

पीएम आशा योजना मुख्य रूप से तीन प्रमुख रणनीतियों पर आधारित है। इनमें मूल्य समर्थन योजना (PSS), मूल्य न्यूनता भुगतान योजना (PDPS) और निजी खरीद एवं भंडारण योजना (PPPS) शामिल हैं। इन तीनों व्यवस्थाओं का उद्देश्य अलग-अलग परिस्थितियों में किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।

रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को बनाया गया आसान

सरकार ने पीएम आशा योजना का लाभ लेने के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल बनाने की कोशिश की है। किसानों को फसल कटाई से पहले या तुरंत बाद सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण कराना होता है। यह प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जा सकती है।

ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सुविधा की कमी को देखते हुए सरकार ने कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और कृषि विभाग के कार्यालयों के माध्यम से भी पंजीकरण की व्यवस्था की है। इससे छोटे और सीमांत किसानों को भी योजना का लाभ लेने में आसानी होती है।

रजिस्ट्रेशन के लिए किसानों को आधार कार्ड, बैंक खाते की पासबुक, मोबाइल नंबर और जमीन से जुड़े दस्तावेज जैसे खसरा-खतौनी की कॉपी जमा करनी होती है। पंजीकरण पूरा होने के बाद किसानों को खरीद केंद्रों की जानकारी और खरीद शुरू होने की सूचना मोबाइल संदेश के माध्यम से दी जाती है।

कुल मिलाकर पीएम आशा योजना किसानों को बाजार की अनिश्चितताओं से बचाने और उनकी आय को सुरक्षित करने की दिशा में केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। MSP पर फसल खरीद और मूल्य अंतर भुगतान जैसी व्यवस्थाएं किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

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