नई दिल्ली। पीएम किसान योजना के तहत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये की सहायता तीन समान किस्तों में दी जाती है, जिसमें प्रत्येक किस्त 2,000 रुपये की होती है। 22वीं किस्त केवल उन किसानों को मिलेगी जिन्होंने ई-केवाईसी पूरा कर लिया है, आधार को बैंक खाते से लिंक किया है और भूमि अभिलेखों का सत्यापन हो चुका है। एक परिवार से केवल एक ही व्यक्ति लाभार्थी हो सकता है, जिसमें पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे एक इकाई माने जाते हैं। पुनर्सत्यापन के दौरान यदि दस्तावेजों में विसंगति पाई गई या कई सदस्यों के नाम जुड़े थे, तो ऐसे नाम सूची से हटा दिए गए हैं।
पीएम किसान योजना के तहत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये की सहायता तीन समान किस्तों में दी जाती है, जिसमें प्रत्येक किस्त 2,000 रुपये की होती है। 22वीं किस्त केवल उन किसानों को मिलेगी जिन्होंने ई-केवाईसी पूरा कर लिया है, आधार को बैंक खाते से लिंक किया है और भूमि अभिलेखों का सत्यापन हो चुका है। एक परिवार से केवल एक ही व्यक्ति लाभार्थी हो सकता है, जिसमें पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे एक इकाई माने जाते हैं। पुनर्सत्यापन के दौरान यदि दस्तावेजों में विसंगति पाई गई या कई सदस्यों के नाम जुड़े थे, तो ऐसे नाम सूची से हटा दिए गए हैं।
सरकार ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए यह जांच अभियान चलाया है, जिसके कारण कुछ किसानों के नाम हटाए गए हैं। किसान आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाकर ‘किसान कॉर्नर’ में ‘लाभार्थी स्थिति’ या ‘अपनी स्थिति जानें’ विकल्प चुनकर अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं। यहां पंजीकरण संख्या या मोबाइल नंबर दर्ज करने पर ई-केवाईसी और भूमि सीडिंग की स्थिति दिखाई देगी। यदि ये ‘हां’ में हैं, तो किस्त प्राप्त होने की संभावना है।22वीं किस्त की सटीक तारीख की अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार यह 28 फरवरी या मार्च 2026 के पहले सप्ताह में, संभवतः होली से पहले जारी हो सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे तुरंत ई-केवाईसी पूरा करें, जो सीएससी केंद्रों या मोबाइल ऐप के माध्यम से चेहरे की पहचान से किया जा सकता है, ताकि भुगतान में कोई देरी न हो।
