कोलकाता। रविवार को पश्चिम बंगाल में चार रैलियों को संबोधित करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झाड़ग्राम में सड़क किनारे स्थित एक झालमुड़ी की दुकान पर रुके। उन्होंने दुकानदार से कहा, “भाई हमें अपना झालमुड़ी खिलाओ।” मोदी ने 10 रुपये का झालमुड़ी बनवाया और उसका आनंद लिया।
इस दौरान दुकानदार ने पूछा कि सर प्याज खाते हैं? इसके जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हां, प्याज खाते हैं… दिमाग नहीं खाते बस।” उन्होंने मौजूद बच्चों को भी झालमुड़ी खिलाई और खुद भी खाते नजर आए। मोदी ने दुकानदार से झालमुड़ी की कीमत भी पूछी और भुगतान करने की कोशिश की।प्रधानमंत्री मोदी ने इस घटना का वीडियो और चार तस्वीरें अपने एक्स अकाउंट पर साझा कीं। कैप्शन में उन्होंने लिखा कि रविवार को बंगाल की चार रैलियों के बीच झाड़ग्राम में झालमुड़ी का आनंद लिया। यह वीडियो चुनाव प्रचार के दौरान उनके अनौपचारिक पल को दर्शाता है।
सड़क किनारे रुके, खुद मांगी झालमुड़ी
झाड़ग्राम में रैलियों के बाद प्रधानमंत्री मोदी अचानक सड़क किनारे स्थित एक झालमुड़ी की दुकान पर रुक गए। वहां पहुंचकर उन्होंने दुकानदार से सहज अंदाज में कहा, “भाई हमें अपना झालमुड़ी खिलाओ।”
दुकानदार ने तुरंत उनके लिए झालमुड़ी तैयार की। प्रधानमंत्री ने 10 रुपये की झालमुड़ी बनवाई और वहीं खड़े होकर उसका स्वाद लिया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए आश्चर्यजनक और उत्साहजनक था।
मजाकिया अंदाज ने जीता दिल
झालमुड़ी बनाते समय दुकानदार ने प्रधानमंत्री से पूछा कि क्या वे प्याज खाते हैं। इस पर मोदी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “हां, प्याज खाते हैं… दिमाग नहीं खाते बस।”
उनका यह हल्का-फुल्का मजाक वहां मौजूद लोगों को खूब पसंद आया और माहौल में हंसी-खुशी का माहौल बन गया। इस छोटे से संवाद ने प्रधानमंत्री के सहज और ह्यूमर से भरपूर व्यक्तित्व को सामने लाया।
पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा झालमुड़ी का आनंद लेना केवल एक साधारण घटना नहीं थी, बल्कि यह उनके व्यक्तित्व के उस पहलू को उजागर करती है, जो सादगी, सहजता और जनता से जुड़ाव पर आधारित है।चुनावी रैलियों के बीच इस तरह का अनौपचारिक पल न केवल लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना, बल्कि सोशल मीडिया के जरिए पूरे देश में चर्चा का विषय भी बन गया।
