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लोकसभा चुनावों के बाद सियासी बयानबाज़ी का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग (Election Commission) पर लगाए गए आरोपों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच विवाद गहराता जा रहा है। इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला और उन्हें “झूठ की दुकान चलाने” का आरोप लगाया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि वे हमें बिना किसी आधार और तर्क के चुनाव आयोग के बारे में सिखाते हैं. 12 जून को चुनाव आयोग ने उन्हें अपने कार्यालय में आकर तथ्यों की व्याख्या करने के लिए एक पत्र भेजा था. लेकिन उन्होंने अभी तक ऐसा नहीं किया है, क्योंकि उनमें गंभीरता की कमी है. कई राज्यों के मुख्य चुनाव अधिकारी ने राहुल गांधी से इस संबंध में औपचारिक कार्यवाही शुरू करने के लिए एक हस्ताक्षरित हलफनामा प्रस्तुत करने को कहा था जो अब तक, उन्होंने प्रस्तुत नहीं किया है.

राहुल गांधी के आरोप

गौरतलब हैं कि, राहुल गांधी ने चुनाव परिणामों के बाद चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि आयोग ने निष्पक्ष तरीके से चुनाव नहीं कराए और मतगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी रही। राहुल का आरोप था कि कई स्थानों पर मतदान और मतगणना में गड़बड़ी हुई है, जिससे परिणाम प्रभावित हो सकते हैं।

बता दें कि, चुनाव आयोग भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था का एक संवैधानिक स्तंभ है, जिसकी जिम्मेदारी स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना है। पिछले कुछ वर्षों में आयोग पर राजनीतिक दलों द्वारा समय-समय पर सवाल उठाए जाते रहे हैं, लेकिन आयोग का कहना है कि उसके सभी फैसले कानून और नियमों के तहत होते हैं।

यह विवाद भारतीय लोकतंत्र में चुनावी पारदर्शिता और जवाबदेही की बहस को एक बार फिर से सामने लेकर आया है। जहां सत्तापक्ष का कहना है कि लोकतंत्र में हार-जीत स्वाभाविक है और बिना प्रमाण के लगाए गए आरोप अस्वीकार्य हैं, वहीं विपक्ष का दावा है कि चुनावी प्रक्रिया में खामियों को उजागर करना ज़रूरी है।

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