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भोपाल/नई दिल्ली। उत्तर भारत में हर साल दिसंबर-जनवरी-फरवरी में पड़ने वाले घने कोहरे से ट्रेनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने इस बार पहले से ही बड़ा कदम उठाया है। रेलवे ने 7 जोनों की कुल 247 ट्रेनों के परिचालन को 1 दिसंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक (90 दिन) आंशिक रूप से प्रभावित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत इन ट्रेनों के कुल 14,820 फेरे (ट्रिप) पूरी तरह रद्द कर दिए गए हैं।

रेलवे का अनुमान है कि इस फैसले से करीब 2.22 करोड़ से अधिक यात्री प्रभावित होंगे।

क्यों लिया गया यह फैसला?

  • पिछले 10 साल के आंकड़ों के अनुसार हर साल 50-60 दिन घने कोहरे के कारण ट्रेनें या तो रद्द करनी पड़ती थीं या कई-कई घंटे लेट हो जाती थीं।
  • कोहरे में दृश्यता शून्य होने से दुर्घटना का खतरा बहुत बढ़ जाता है।
  • अब तक अनौपचारिक रूप से रद्दीकरण होता था, इस बार रेलवे ने इसे औपचारिक रूप दे दिया ताकि यात्री पहले से योजना बना सकें और सुरक्षा सुनिश्चित हो।

सबसे ज्यादा प्रभावित ट्रेन: सारनाथ एक्सप्रेस

कोहरे से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाली ट्रेन दुर्ग-छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस है, जो कुल 66 दिन पूरी तरह रद्द रहेगी।

प्रभावित रेलवे जोन और ट्रेनों की संख्या

रेलवे जोनप्रभावित ट्रेनें
उत्तरी रेलवे (NR)89
पूर्वोत्तर रेलवे (NER)80
पूर्वोत्तर सीमांत (NFR)30
पूर्वी रेलवे (ER)15
उत्तर मध्य रेलवे (NCR)14
उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR)12
दक्षिण पूर्व मध्य (SECR)7

यात्रियों के लिए खास व्यवस्था

  • दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 तक इन सभी ट्रेनों में नए रिजर्वेशन पहले से ही ब्लॉक कर दिए गए हैं।
  • जिन यात्रियों का टिकट पहले से बुक था, उन्हें वैकल्पिक तारीखों या ट्रेनों में समायोजित किया जा रहा है या पूरा रिफंड दिया जा रहा है।

रेलवे की यात्रियों से अपील

यात्रा करने से पहले NTES ऐप, 139 या irctc.co.in के जरिए अपनी ट्रेन की最新 स्थिति जरूर चेक कर लें।

कोहरे के मौसम में सुरक्षा सबसे ऊपर है, इसलिए रेलवे ने यह कठोर लेकिन जरूरी कदम उठाया है। अगर आप किसी खास ट्रेन की रद्द तारीखों की पूरी लिस्ट चाहते हैं, तो बताएं – मैं तुरंत उपलब्ध करा दूंगा।

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