समाचार मिर्ची

जम्मू-कश्मीर। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में, जहां सीमा से सटे इलाके पहले चुनौतियों से भरे थे, वहां अब कृषि क्षेत्र में एक सकारात्मक क्रांति देखने को मिल रही है। डूंगी ब्लॉक के दूर-दराज गांवों और केरी इलाके के किसान पारंपरिक खेती को छोड़कर शुद्ध ऑर्गेनिक (जैविक) सब्जियों की खेती अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार कर रहे हैं। ये किसान अब सिर्फ अपनी आजीविका नहीं चला रहे, बल्कि बाजार में रासायनिक मुक्त सब्जियों की बढ़ती मांग को पूरा करके अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। उनकी सफलता की कहानी उनकी जुबानी सुनकर समझ आता है कि मेहनत, सरकारी योजनाओं का सहारा और सही दिशा में बदलाव से कितना बड़ा फर्क पड़ सकता है।

बता दें कि, एक अन्य किसान मीणू ने अपनी दिनचर्या बताई, “हम अपने खेत में ऑर्गेनिक सब्जियां उगाते हैं। अभी फूलगोभी, मूली और अन्य मौसमी फसलें लगी हैं। पैदावार हमारी मेहनत पर निर्भर करती है। गर्मियों में पानी नहीं था, तो सिर पर पानी ढोकर सिंचाई करते थे। अब पानी की सुविधा मिल गई है। यह हमारा एकमात्र आय का स्रोत है। पूरा परिवार खेत में मदद करता है।” उनकी कहानी बताती है कि परिवार के साथ मिलकर काम करने से न सिर्फ उत्पादन बढ़ता है, बल्कि बंधन भी मजबूत होते हैं।

जानकारी दे दें कि, इस क्रांति के पीछे सरकारी योजनाओं का बड़ा हाथ है। होलिस्टिक एग्रीकल्चर डेवलपमेंट प्रोग्राम (HADP), पीएम किसान योजना, परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) जैसी स्कीमों से किसानों को वर्मीकंपोस्ट यूनिट, हाई-टेक पॉलीहाउस और ट्रेनिंग मिल रही है। राजौरी के मुख्य कृषि अधिकारी राजेश वर्मा कहते हैं, “आज कृषि में सस्टेनेबल और ऑर्गेनिक फार्मिंग पर फोकस है। हमने ऑर्गेनिक क्लस्टर बनाए हैं और नेचुरल फार्मिंग को बढ़ावा दे रहे हैं। बाजार में साफ-सुथरे उत्पादों की भारी मांग है, इसलिए सरकार किसानों को ट्रेनिंग और सपोर्ट दे रही है।”

आपको बता दें कि, राजौरी के ये किसान न सिर्फ आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रहे हैं। रासायनिक मुक्त सब्जियां स्वास्थ्य के लिए बेहतर हैं और बाजार में इनकी डिमांड लगातार बढ़ रही है। उनकी मेहनत और लगन अन्य इलाकों के किसानों के लिए प्रेरणा है। यह कहानी साबित करती है कि सीमावर्ती इलाकों में भी, अगर सही दिशा मिले, तो खेती मुनाफे का बड़ा साधन बन सकती है। आने वाले समय में राजौरी का यह मॉडल पूरे जम्मू-कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों के लिए उदाहरण बनेगा।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version