समाचार मिर्ची

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए। चढ़ावा चोरी मामले के बाद ट्रस्ट की यह अहम बैठक राम मंदिर परिसर में हुई। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने पहले इस्तीफा दे दिया था। बैठक में इनके इस्तीफों पर चर्चा हुई और उन्हें मंजूरी दे दी गई। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने बैठक से पहले कहा था कि जो पाप से जुड़ा है उसे सजा दिलाएंगे।

ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन, जिन्होंने चढ़ावा चोरी मामले में FIR दर्ज कराई थी, को ट्रस्ट की कमान सौंपी गई। बैठक में कुल 14 सदस्यों में से 9 सदस्य व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए। कुछ सदस्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। यह बैठक चढ़ावा चोरी विवाद के बाद ट्रस्ट की पहली बैठक थी।

पहले ही दे चुके थे इस्तीफा

महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा ने पहले ही अपने-अपने पदों से इस्तीफा सौंप दिया था। ट्रस्ट की बैठक में इन इस्तीफों पर विचार-विमर्श किया गया और अंततः उन्हें स्वीकार करने का निर्णय लिया गया। हालांकि, बैठक के बाद ट्रस्ट की ओर से इस्तीफों के पीछे किसी व्यक्तिगत या प्रशासनिक कारण को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई।

चंपत राय लंबे समय से श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन और मंदिर निर्माण से जुड़े रहे हैं। मंदिर निर्माण की पूरी प्रक्रिया में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण माना जाता रहा है। वहीं, अनिल मिश्रा भी ट्रस्ट के प्रमुख सदस्यों में शामिल रहे हैं और विभिन्न प्रशासनिक निर्णयों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही है।

कृष्ण मोहन को मिली अहम जिम्मेदारी

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण फैसला ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन को नई जिम्मेदारी सौंपने का रहा। कृष्ण मोहन वही सदस्य हैं जिन्होंने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी। ट्रस्ट ने उन्हें संगठन की कमान सौंपते हुए स्पष्ट संकेत दिया है कि संस्था प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता को प्राथमिकता देना चाहती है।

कृष्ण मोहन की नियुक्ति को कई जानकार ट्रस्ट में प्रशासनिक सुधार और विश्वास बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं। माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में ट्रस्ट वित्तीय प्रबंधन और दान व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित तथा पारदर्शी बनाने की दिशा में कार्य कर सकता है।

राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले दान और चढ़ावे को लेकर हाल ही में कथित चोरी का मामला सामने आया था। इस घटना के बाद मंदिर प्रशासन और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर कई तरह के सवाल उठे। मामले की जानकारी सामने आने के बाद जांच शुरू की गई और संबंधित प्रकरण में एफआईआर भी दर्ज की गई।

अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि नई जिम्मेदारी संभालने वाले कृष्ण मोहन ट्रस्ट के प्रशासन में किस प्रकार के सुधार लागू करते हैं और चढ़ावा चोरी मामले की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है। साथ ही, संबंधित जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और आगे की कानूनी प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण रहेगी।

फिलहाल इतना स्पष्ट है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने संगठनात्मक बदलाव के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता को गंभीरता से लिया जाएगा और आवश्यक होने पर प्रशासनिक स्तर पर बड़े फैसले लेने से पीछे नहीं हटेगा। आने वाले दिनों में ट्रस्ट के नए नेतृत्व और उसकी कार्यशैली पर देशभर के श्रद्धालुओं तथा आम जनता की नजर बनी रहेगी।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version