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समाचार मिर्ची

नई दिल्ली ।सब्जियों का स्वाद बढ़ाने में टमाटर की अहम भूमिका होती है। हर घर की रसोई में टमाटर की जरूरत पड़ती है, चाहे सब्जी में तड़का लगाना हो, सलाद बनाना हो या चटनी तैयार करनी हो। बाजार में कई बार टमाटर के दाम बढ़ जाते हैं और ये केमिकल्स तथा दवाइयों से पके हुए भी हो सकते हैं। ऐसे में घर की बालकनी में गमलों में ताजे, रसीले और ऑर्गेनिक टमाटर उगाए जा सकते हैं।

यहां हम आपको बता दें कि, बालकनी में टमाटर उगाने के लिए सही गमला चुनना जरूरी है। कम से कम 12 से 15 इंच गहरा और चौड़ा गमला लें, जिसमें नीचे ड्रेनेज होल हो ताकि अतिरिक्त पानी निकल सके। मिट्टी तैयार करते समय सामान्य बागीचे की मिट्टी में 30 प्रतिशत वर्मीकंपोस्ट या पुरानी गोबर की खाद तथा थोड़ा कोकोपीट मिलाएं। कोकोपीट नमी बनाए रखता है और खाद पोषण देती है। किचन वेस्ट से बनी जैविक खाद भी इस्तेमाल की जा सकती है। मिट्टी हल्की और भुरभुरी होनी चाहिए।

पौधे को रोजाना कम से कम 5 से 6 घंटे सीधी धूप मिलनी चाहिए। मिट्टी में हल्की नमी बनाए रखें, लेकिन पानी जमा न होने दें। पौधा बड़ा होने पर लकड़ी या डंडे का सहारा दें। समय-समय पर छंटाई करें और नीचे की सूखी पत्तियां हटाएं। फूल आने पर हर 15-20 दिन में सरसों की खली का पानी, केले के छिलके की खाद या वर्मीकंपोस्ट डालें। परागण के लिए सुबह शाखाओं को धीरे से हिलाएं। कीटों से बचाव के लिए नीम के तेल के स्प्रे या साबुन के घोल का छिड़काव करें। लगभग 60 से 80 दिनों में लाल-लाल रसीले टमाटर मिल सकते हैं।

सही गमले का चयन है सबसे पहला कदम

बालकनी में टमाटर उगाने के लिए उचित आकार का गमला चुनना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार कम से कम 12 से 15 इंच गहरा और चौड़ा गमला इस्तेमाल करना चाहिए। इससे पौधे की जड़ों को पर्याप्त जगह मिलती है और उनका विकास बेहतर होता है।

गमले के नीचे ड्रेनेज होल जरूर होना चाहिए ताकि अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल सके। यदि पानी लंबे समय तक गमले में जमा रहेगा, तो जड़ों में सड़न की समस्या हो सकती है और पौधा कमजोर पड़ सकता है।

आखिर में हम आपको बता दें कि, यदि सही गमला, उपयुक्त मिट्टी, पर्याप्त धूप, संतुलित सिंचाई और नियमित देखभाल की जाए, तो लगभग 60 से 80 दिनों के भीतर पौधे पर लाल, रसीले और ताजे टमाटर तैयार होने लगते हैं।घर में उगाए गए टमाटर स्वाद के साथ-साथ गुणवत्ता के लिहाज से भी बेहतर माने जाते हैं। साथ ही इससे बाजार पर निर्भरता कम होती है, खर्च में बचत होती है और परिवार को ताजी एवं ऑर्गेनिक सब्जियां उपलब्ध होती हैं। यदि आप बागवानी की शुरुआत करना चाहते हैं, तो टमाटर एक ऐसा पौधा है जिसे सीमित जगह और सामान्य देखभाल के साथ भी सफलतापूर्वक उगाया जा सकता है।

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