Skip to main content

समाचार मिर्ची

एटा। उत्तर प्रदेश के एटा के अलीगंज थाना क्षेत्र में मोहर्रम का ताजिया जुलूस अपने तय रास्ते से गुजर रहा था। तभी ताजिया ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। इससे करंट फैल गया और चार लोग करंट की चपेट में आ गए।आसपास के लोगों ने घायलों को संभाला और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अलीगंज पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने एक व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया। तीन अन्य घायलों का इलाज जारी है।

एटा के एएसपी श्वेताभ पांडेय ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हादसे की परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है। जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।घटना के बाद शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जिस मार्ग से हर साल ताजिया जुलूस गुजरता है, वहां पहले से एहतियाती इंतजाम किए जाने चाहिए थे।

हादसे की सूचना मिलते ही एटा के अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) श्वेताभ पांडेय भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली। एएसपी ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी विस्तृत पड़ताल की जा रही है।

इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जिस मार्ग से हर वर्ष मोहर्रम का ताजिया जुलूस निकाला जाता है, वहां पहले से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाने चाहिए थे। लोगों का आरोप है कि यदि बिजली विभाग और प्रशासन ने पहले से आवश्यक एहतियाती कदम उठाए होते, तो इस प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सकता था।

फिलहाल तीनों घायलों का इलाज जारी है और प्रशासन उनकी चिकित्सा व्यवस्था पर नजर रखे हुए है। दूसरी ओर, पुलिस हादसे के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना किन कारणों से हुई और क्या इसमें किसी प्रकार की प्रशासनिक या विभागीय लापरवाही रही।

यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा संबंधी मानकों का कड़ाई से पालन करना कितना आवश्यक है। प्रशासन, बिजली विभाग और आयोजन से जुड़े सभी पक्षों के बीच समय रहते समन्वय स्थापित कर ऐसे संभावित जोखिमों को कम किया जा सकता है। यदि पूर्व तैयारी और सुरक्षा उपायों पर विशेष ध्यान दिया जाए, तो भविष्य में इस प्रकार की दुखद घटनाओं को टालने में मदद मिल सकती है।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version