समाचार मिर्ची

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पटना। बिहार के किसानों के लिए एक सुनहरा मौका आया है।जहां पारंपरिक खेती के अलावा वैकल्पिक और लाभकारी फसल अपनाकर आय को कई गुना बढ़ाया जा सकता है। बिहार सरकार ने किसानों की आमदनी दोगुनी करने और फूल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ‘फूल (गेंदा) विकास योजना 2025-26’ शुरू की है। इस योजना के तहत गेंदा फूल की खेती पर प्रति हेक्टेयर 40,000 रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है, जो कुल लागत का 50 प्रतिशत है। यह योजना रबी (वासंतिक) मौसम के लिए है और राज्य के सभी 38 जिलों में लागू है। इससे किसान कम लागत में शुरू करके हर साल बंपर मुनाफा कमा सकते हैं, और उनका खेत वाकई में एक ‘ATM’ बन सकता है।

जानकारी दे दें कि, गेंदा फूल (Marigold) भारत में सबसे लोकप्रिय फूलों में से एक है। इसकी बाजार में साल भर स्थिर मांग रहती है, खासकर पूजा-पाठ, शादी-विवाह, त्योहारों (जैसे दीवाली, छठ, होली) और धार्मिक आयोजनों में। त्योहारी सीजन में डिमांड कई गुना बढ़ जाती है, जिससे भाव 70-80 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकते हैं। गेंदा की खेती कम समय में (3-4 महीने) तैयार हो जाती है और इसमें सिंचाई, कीटनाशक और श्रम की कम जरूरत पड़ती

पात्रता और आवेदन प्रक्रिया

  • बिहार का स्थायी निवासी किसान होना चाहिए।
  • जमीन का मालिकाना हक या एग्रीमेंट (किराए की जमीन) होना जरूरी।
  • आवेदन ऑनलाइन उद्यान विभाग की वेबसाइट horticulture.bihar.gov.in पर HortMIS पोर्टल के माध्यम से किया जाता है।
  • फॉर्म भरें, दस्तावेज (आधार, बैंक पासबुक, जमीन के कागजात, फोटो आदि) PDF में अपलोड करें।
  • आवेदन सबमिट करने के बाद लाभ पहले आओ पहले पाओ के आधार पर मिलेगा।

इस कड़ी मे बता दें कि, यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और फूल उत्पादन बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। गेंदा की खेती से न सिर्फ आय बढ़ेगी, बल्कि रोजगार भी पैदा होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में नई आर्थिक गतिविधियां शुरू होंगी। इच्छुक किसान जल्दी आवेदन करें और इस लाभकारी योजना का फायदा उठाएं। सरकार की यह पहल बिहार को फूल उत्पादन के क्षेत्र में आगे ले जाएगी।

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