नई दिल्ली। गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 1600 अंक से ज्यादा टूटकर 23300 के नीचे बंद हुआ। मिडिल ईस्ट संकट गहराने और इजरायल द्वारा ईरान के गैस फील्ड पर हमले के बाद निवेशकों में बिकवाली का जोर रहा। इससे पूरे दिन बाजार में हाहाकार मचा रहा।
सेंसेक्स 1,953.21 अंक या 2.55 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,750.92 पर खुला, जबकि निफ्टी 580.05 अंक या 2.44 प्रतिशत नीचे 23,197.75 पर शुरू हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में लगातार दबाव बना रहा। बैंकिंग और ऑटो सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। निफ्टी बैंक करीब 3 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो करीब 2.8 प्रतिशत टूटा।
एचडीएफसी बैंक में भारी बिकवाली देखी गई। बैंक के चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती ने 18 मार्च को नैतिक सिद्धांतों के खिलाफ मुद्दों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया। बैंक के शेयर 8 प्रतिशत तक गिरे। लार्सन एंड टुब्रो, श्रिराम फाइनेंस, एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस और एमएंडएम के शेयर भी 3 प्रतिशत या उससे अधिक नीचे रहे।
एचपीसीएल 5.9 प्रतिशत की गिरावट के साथ 328.7 रुपये पर रहा। केपीआईटी टेक्नोलॉजीज 4.5 प्रतिशत, गोदरेज प्रॉपर्टीज और पेट्रोनेट एलएनजी 4 प्रतिशत से ज्यादा टूटे। निफ्टी मिडकैप 100 में 2.3 प्रतिशत और स्मॉलकैप 100 में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं और पीएसयू बैंक सेक्टर में भी भारी दबाव रहा। इस गिरावट से निवेशकों के करीब 8.4 लाख करोड़ रुपये डूब गए।
