नई दिल्ली। शेयर बाजार में गुरुवार को तेजी दर्ज की गई। वहीं सोना-चांदी की कीमतों में शुरुआती गिरावट के बाद अचानक उछाल आया। एमसीएक्स पर दोनों कीमती धातुएं ग्रीन जोन में कारोबार कर रही थीं, लेकिन गोल्ड और सिल्वर ETF में भारी गिरावट देखने को मिली।
सिल्वर ETF में सबसे ज्यादा गिरावट आई। HDFC Silver ETF में 4.05 प्रतिशत, Nippon India Silver ETF में 3.98 प्रतिशत, Tata Silver Exchange Trading Fund में 3.90 प्रतिशत, Groww Silver ETF और Zerodha Silver ETF में 3.70 प्रतिशत की गिरावट हुई। मिराई एसेट, एक्सिस, एसबीआई और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल सिल्वर ETF भी करीब चार प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे।
गोल्ड ETF का हाल भी सिल्वर ETF जैसा रहा। Tata Gold Exchange Traded Fund में 2.40 प्रतिशत, Nippon India ETF Gold Bees में 2.35 प्रतिशत और Grow Gold ETF में 2.20 प्रतिशत की गिरावट आई। ICICI Prudential Gold ETF, Zerodha Gold ETF, HDFC Gold ETF, Angel One Gold ETF और मिराई एसेट गोल्ड ETF भी दो प्रतिशत से ज्यादा फिसले।सोना-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच खबर लिखे जाने तक 3 जुलाई एक्सपायरी वाली चांदी वायदा करीब 3000 रुपये की उछाल के साथ 2.16 लाख रुपये पर ट्रेड कर रही थी। 5 अगस्त एक्सपायरी वाला सोना वायदा 1.42 लाख रुपये के आसपास था। बीते तीन दिनों से इन धातुओं की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी था। गिरावट के पीछे अमेरिकी डॉलर की मजबूती और US Fed की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका बताई जा रही है।
सोना-चांदी चमके, लेकिन ETF निवेशकों को लगा झटका
नई दिल्ली। गुरुवार को भारतीय वित्तीय बाजारों में एक दिलचस्प स्थिति देखने को मिली। एक ओर शेयर बाजार में तेजी का माहौल रहा और सोना-चांदी की कीमतों में शुरुआती कमजोरी के बाद मजबूत उछाल दर्ज किया गया, वहीं दूसरी ओर गोल्ड और सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) में भारी गिरावट देखने को मिली। इस असामान्य स्थिति ने निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
आमतौर पर सोना और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी होने पर उनसे जुड़े ETF में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिलता है। हालांकि गुरुवार के कारोबार में वास्तविक धातुओं की कीमतों और ETF के प्रदर्शन के बीच स्पष्ट अंतर दिखाई दिया, जिससे निवेशकों के बीच चर्चा तेज हो गई।
कारोबार की शुरुआत में सोना और चांदी दोनों कीमती धातुओं में कुछ कमजोरी देखने को मिली थी। लेकिन दिन बढ़ने के साथ बाजार का रुख बदला और दोनों धातुएं हरे निशान में कारोबार करने लगीं।मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी के वायदा भाव में तेजी दर्ज की गई। वैश्विक संकेतों, निवेशकों की खरीदारी और सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग ने कीमती धातुओं को समर्थन प्रदान किया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक अनिश्चितताओं और निवेशकों की सतर्कता के कारण सोना और चांदी अब भी आकर्षक निवेश विकल्प बने हुए हैं।
आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर वैश्विक आर्थिक संकेतकों, केंद्रीय बैंकों की नीतियों, डॉलर इंडेक्स और अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजारों पर रहेगी। यदि वैश्विक अनिश्चितता बनी रहती है, तो सोना और चांदी दोनों में निवेशकों की रुचि बनी रह सकती है।
फिलहाल बाजार में एक दिलचस्प स्थिति बनी हुई है, जहां कीमती धातुओं की कीमतें मजबूत हैं लेकिन उनसे जुड़े ETF दबाव में हैं। ऐसे में निवेशकों के लिए यह जरूरी होगा कि वे जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय बाजार की दिशा और जोखिमों का आकलन करते हुए अपने निवेश की रणनीति तय करें।
