नई दिल्ली। गर्मियों में ताजे आम खाने की इच्छा कई लोगों में होती है, लेकिन जगह की कमी के कारण घर पर आम का पेड़ लगाना मुश्किल लगता है। अब बगीचे की जरूरत नहीं है। घर की बालकनी के गमले में भी आम का पौधा आसानी से उगाया जा सकता है। सही किस्म का पौधा चुनने, उपयुक्त मिट्टी इस्तेमाल करने और नियमित देखभाल करने से पौधा अच्छी तरह बढ़ता है।
इस कड़ी में बता दें कि, गमले में आम उगाने के लिए ग्राफ्टेड पौधा लगाना बेहतर माना जाता है। यह बीज वाले पौधे की तुलना में जल्दी बढ़ता है और कम समय में फल देने की संभावना रहती है। ऐसी किस्म चुनें जो आकार में ज्यादा बड़ी न हो, ताकि थोड़ी जगह में भी अच्छी तरह विकसित हो सके। मिट्टी के लिए काली मिट्टी में सड़ी खाद, कम्पोस्ट और थोड़ी रेत मिलाएं। इससे पोषक तत्व बने रहते हैं और पानी का निकास बेहतर होता है। समय-समय पर जैविक खाद भी डालते रहें।
बताते चले कि, पौधा लंबे समय तक एक ही गमले में रहता है, इसलिए शुरुआत से ही पर्याप्त बड़ा और मजबूत गमला चुनें। गमले में नीचे ड्रेनेज होल जरूर होने चाहिए, ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके। आम का पौधा धूप पसंद करता है, इसलिए इसे ऐसी जगह रखें जहां रोज कम से कम 6 से 8 घंटे अच्छी धूप मिल सके। पानी जरूरत के अनुसार दें। मिट्टी पूरी तरह सूखने न दें, लेकिन ज्यादा पानी देने से बचें।सूखी या खराब टहनियों की समय-समय पर छंटाई करें। कीट या बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत उपाय करें। बीज से उगाए गए पौधे में फल आने में करीब 7 से 8 साल लग सकते हैं, जबकि ग्राफ्टेड पौधे में सही देखभाल मिलने पर 3 से 5 साल के भीतर फल आना शुरू हो सकता है।
बीज के बजाय ग्राफ्टेड पौधा लगाना बेहतर
अगर आप घर के गमले में आम उगाने की योजना बना रहे हैं तो ग्राफ्टेड यानी कलमी पौधा लेना एक बेहतर विकल्प हो सकता है। बीज से तैयार किए गए आम के पौधे को फल देने में काफी लंबा समय लग सकता है। इसके अलावा बीज से उगा पौधा बड़ा आकार भी ले सकता है, जिससे गमले में उसे संभालना मुश्किल हो सकता है।
इसके विपरीत ग्राफ्टेड पौधे आमतौर पर अपेक्षाकृत जल्दी फल देने की अवस्था में पहुंच सकते हैं। उचित देखभाल और अनुकूल परिस्थितियों में ग्राफ्टेड पौधे में करीब 3 से 5 साल के भीतर फल आना शुरू होने की संभावना बताई जाती है।
गमले का आकार छोटा न रखें
आम का पौधा लंबे समय तक गमले में रहने वाला है, इसलिए इसे बहुत छोटे गमले में लगाने की गलती नहीं करनी चाहिए। शुरुआत से ही बड़ा, मजबूत और पर्याप्त गहराई वाला गमला चुनना बेहतर रहता है।
गमला इतना मजबूत होना चाहिए कि पौधे के बढ़ने के साथ उसकी जड़ों और मिट्टी का भार आसानी से संभाल सके। मिट्टी भरने से पहले यह जरूर जांच लें कि गमले के निचले हिस्से में पर्याप्त ड्रेनेज होल मौजूद हैं।
इन छेदों का काम अतिरिक्त पानी को बाहर निकालना है। यदि पानी गमले में जमा रहता है तो जड़ों के लंबे समय तक गीली रहने से पौधे को नुकसान हो सकता है। इसलिए जल निकासी को आम के पौधे की देखभाल में विशेष महत्व दें।
अगर आपके घर में जमीन या बड़ा बगीचा नहीं है, तो गमले में आम उगाना घर की बागवानी को नया रूप देने का अच्छा तरीका हो सकता है। सही किस्म का ग्राफ्टेड पौधा, पर्याप्त बड़ा गमला, पोषक और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी, पर्याप्त धूप और संतुलित पानी—इन सभी बातों का ध्यान रखकर पौधे को स्वस्थ रखने की कोशिश की जा सकती है।हालांकि गमले में आम का पौधा उगाने के लिए धैर्य जरूरी है। पौधे की बढ़वार और फल आने में समय लग सकता है। नियमित निगरानी और उचित देखभाल के साथ घर की बालकनी या छत पर लगाया गया आम का पौधा भविष्य में ताजे फलों का स्रोत बन सकता है।
