समाचार मिर्ची

समाचार मिर्ची: सबसे तेज़ खबरें, हर पल ताज़ा विश्वसनीय समाचार, हर नजरिए से सही देश-दुनिया की सबसे ताज़ा खबरें खबरें जो आपको बनाए रखें अपडेट राजनीति से लेकर खेल तक, सबकुछ आपको मिलेगा तेज और विश्वसनीय खबरें, बस एक क्लिक दूर हर पल की ताज़ी खबर, बिना किसी झोल के खबरें जो आपको चौंका दें, हर बार जानिए हर अपडेट, सबसे पहले और सबसे सही जहाँ सच्चाई और ताजगी मिलती है

समाचार मिर्ची: सबसे तेज़ खबरें, हर पल ताज़ा विश्वसनीय समाचार, हर नजरिए से सही देश-दुनिया की सबसे ताज़ा खबरें खबरें जो आपको बनाए रखें अपडेट तेज और विश्वसनीय खबरें, बस एक क्लिक दूर हर पल की ताज़ी खबर, बिना किसी झोल के खबरें जो आपको चौंका दें, हर बार जानिए हर अपडेट, सबसे पहले और सबसे सही जहाँ सच्चाई और ताजगी मिलती है

ईरान में पिछले दो हफ्तों से जारी भीषण विरोध प्रदर्शनों ने देश को हिलाकर रख दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार (11 जनवरी 2026) को चेतावनी दी कि ईरानी सरकार प्रदर्शनकारियों के साथ हो रही हिंसा से ‘रेड लाइन’ पार कर रही है। ट्रम्प ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अमेरिका स्थिति पर गहन नजर रख रहा है और “कड़े विकल्पों” पर विचार कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर ईरान प्रदर्शनकारियों की हत्या जारी रखता है, तो अमेरिका “बहुत मजबूत कार्रवाई” कर सकता है, जिसका ईरान पहले कभी सामना नहीं कर पाएगा।

जानकारी दे दें कि, ये प्रदर्शन 28 दिसंबर 2025 से शुरू हुए, जब ईरानी रियाल (मुद्रा) का मूल्य रिकॉर्ड गिरावट पर पहुंच गया। मुद्रा का मूल्य अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 80% तक गिरा, जिससे मुद्रास्फीति (इन्फ्लेशन) 42% के आसपास पहुंच गई। खाद्य पदार्थों की कीमतें 70% से ज्यादा बढ़ गईं, और बुनियादी वस्तुओं की कमी हो गई। शुरुआत में बाजारों, दुकानदारों और व्यापारियों के विरोध से शुरू हुए ये प्रदर्शन जल्द ही पूरे देश में फैल गए। अब ये सिर्फ आर्थिक मुद्दों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इस्लामी गणराज्य के खिलाफ व्यापक विरोध में बदल चुके हैं। प्रदर्शनकारियों ने “डिक्टेटर मौत!” और “इस्लामी गणराज्य मौत!” जैसे नारे लगाए हैं, साथ ही पूर्व शाह के बेटे रेजा पहलवी का समर्थन किया है।

बता दें कि, ईरानी सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनों को दबाने के लिए लाइव फायर, आंसू गैस और प्लास्टिक गोलियों का इस्तेमाल किया है। तेहरान, मशहद, जाहेदान, रश्त, तबरीज, शिराज और केरमान जैसे शहरों में हिंसा की रिपोर्ट्स आई हैं। इंटरनेट और फोन लाइनें बंद कर दी गई हैं, जिससे जानकारी बाहर आना मुश्किल हो गया है। ईरानी अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने प्रदर्शनकारियों को “ईश्वर का दुश्मन” घोषित किया, जो मौत की सजा वाला अपराध है। सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को “सड़कों को नष्ट करने वाला” बताया और कहा कि वे ट्रम्प को खुश करने के लिए ऐसा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पीछे नहीं हटेगी।

हम आपको ये भी बताते चले कि, ट्रम्प प्रशासन ईरान पर सैन्य कार्रवाई, साइबर हमले, प्रतिबंधों और विरोधियों को ऑनलाइन मदद के विकल्पों पर विचार कर रहा है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रम्प को मंगलवार (13 जनवरी) को ब्रिफिंग मिलेगी। ट्रम्प ने एलन मस्क से स्टारलिंक के जरिए इंटरनेट बहाल करने पर चर्चा की। इजराइल ने भी स्थिति पर नजर रखी है।

वही, ट्रम्प की चेतावनी ने स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया है। ईरान के प्रदर्शन अब सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि राजनीतिक क्रांति की ओर बढ़ रहे हैं। दुनिया की नजरें तेहरान पर टिकी हैं कि क्या ये आंदोलन 1979 की इस्लामी क्रांति जैसा बदलाव लाएगा या दबा दिया जाएगा। स्थिति घातक बनी हुई है, और मौतों का सिलसिला जारी है।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version