ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिका और तेहरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की कड़ी धमकियों के बाद ईरान ने प्रदर्शनकारियों को फांसी देने की योजनाओं से पीछे हटने का संकेत दिया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने बुधवार को फॉक्स न्यूज के कार्यक्रम ‘स्पेशल रिपोर्ट विद ब्रेट बेयर’ में स्पष्ट कहा कि “फांसी देने की कोई योजना नहीं है। फांसी का तो सवाल ही नहीं उठता।” उन्होंने कहा, “हैंगिंग आउट ऑफ द क्वेश्चन है।
गौरतलब हैं कि, प्रदर्शनकारियों की फांसी का मुद्दा तब और गर्म हुआ जब 26 वर्षीय प्रदर्शनकारी इरफान (एर्फान) सुल्तानी को मौत की सजा सुनाई गई। सुल्तानी को 8 जनवरी को कारज के फारदिस इलाके में गिरफ्तार किया गया था। मानवाधिकार संगठन हेंगाव और ईरान ह्यूमन राइट्स के अनुसार, उन्हें “मोहारीबा” (ईश्वर के खिलाफ युद्ध) का आरोप लगाकर मौत की सजा सुनाई गई और 14 जनवरी को फांसी की योजना थी। उनके परिवार को सिर्फ 10 मिनट की मुलाकात की अनुमति दी गई थी। हालांकि, बाद में परिवार को सूचना दी गई कि फांसी टाल दी गई है। यह पहला मामला था जहां किसी प्रदर्शनकारी को इस लहर में मौत की सजा सुनाई गई थी। ट्रम्प की धमकी के बाद ईरान ने इस पर पीछे हटने का संकेत दिया।
इस बीच, ईरान ने ट्रम्प के खिलाफ सीधी धमकी भी जारी की। सरकारी टीवी चैनल पर 2024 के पेंसिल्वेनिया के बटलर में ट्रम्प पर हुए जानलेवा हमले की फुटेज दिखाई गई, जिसमें ट्रम्प के खून से सने चेहरे का फोटो था। साथ में संदेश था, “इस बार गोली निशाने से नहीं चूकेगी।” यह तेहरान की अब तक की सबसे स्पष्ट धमकी मानी जा रही है। ट्रम्प ने पहले कई बार ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर प्रदर्शनकारियों पर क्रूर कार्रवाई जारी रही तो अमेरिका हमला करेगा।
आपको बताते चले कि, ईरान में प्रदर्शन आर्थिक संकट से शुरू हुए थे। बाजार बंद, रियाल का पतन और महंगाई ने लोगों को सड़कों पर उतार दिया। जल्द ही नारे “डेथ टू खामेनेई” और शासन परिवर्तन की मांग में बदल गए। ईरानी न्यायपालिका ने तेज ट्रायल और फांसी की बात कही थी, लेकिन ट्रम्प की धमकी के बाद रुख नरम हुआ। अराकची ने कहा कि अमेरिका के साथ युद्ध के बजाय कूटनीति बेहतर है, हालांकि अमेरिका से सकारात्मक अनुभव नहीं है।
वही, यह स्थिति मध्य पूर्व में बड़े युद्ध की आशंका पैदा कर रही है। जी7 देशों ने ईरान पर अतिरिक्त प्रतिबंधों की चेतावनी दी है। मानवाधिकार संगठन जैसे एमनेस्टी इंटरनेशनल और ईरान ह्यूमन राइट्स ने फांसी रोकने की अपील की है। ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट और हिंसा जारी है। ट्रम्प ने प्रदर्शनकारियों से कहा है कि “प्रदर्शन जारी रखें, मदद आने वाली है।
