नई दिल्ली । इस मौसम में कई किसान और घर पर पौधे लगाने वाले लोग लौकी की बेल उगाते हैं। बेल तेजी से बढ़ती है और उस पर ढेर सारे फूल भी आने लगते हैं। लेकिन कई बार फूल ज्यादा होने के बाद भी लौकी के फल बहुत कम दिखाई देते हैं। इससे किसान परेशान हो जाते हैं कि आखिर फूल आने के बाद भी फल क्यों नहीं बन रहे। इसके पीछे परागण की कमी, पानी का सही न मिलना, ज्यादा गर्मी या पौधे को पोषण न मिलना जैसी कई वजह हो सकती हैं। अगर समय रहते सही कारण समझ लिया जाए, तो बेल पर फल आने की संभावना बढ़ाई जा सकती है।
इस कड़ी में बता दे कि, लौकी की बेल पर नर और मादा दोनों तरह के फूल आते हैं। नर फूल सिर्फ एक फूल की डंडी पर होते हैं, जबकि मादा फूल के नीचे छोटी लौकी जैसी दिखाई देती है। अगर मादा फूल कम बन रहे हैं तो फल भी कम आएंगे। इसलिए बेल पर फूलों को ध्यान से देखें और मादा फूलों की संख्या पर नजर रखें। लौकी में फल बनने के लिए नर फूल का पराग मादा फूल तक पहुंचना जरूरी है। कई बार बारिश, तेज गर्मी या आसपास परागण करने वाले कीड़ों की कमी के कारण यह काम सही से नहीं हो पाता। ऐसे में सुबह के समय नर फूल से पराग लेकर मादा फूल के बीच वाले हिस्से पर हल्के हाथ से लगा सकते हैं। इसे हाथ से परागण करना कहते हैं।
वही हम आपको यह भी जानकारी देते चले कि, लौकी की बेल तेजी से बढ़ती है इसलिए उसे पानी की भी अच्छी जरूरत होती है। अगर मिट्टी ज्यादा सूख जाए तो पौधे की बढ़त और फूल-फल दोनों पर असर पड़ता है। खासकर गर्म मौसम में मिट्टी में नमी बनाए रखें लेकिन हर समय पानी भरा रहने से भी जड़ों को नुकसान होता है। इसलिए मिट्टी देखकर जरूरत के हिसाब से पानी दें। सिर्फ ज्यादा फूल आने से फल ज्यादा नहीं मिलते, पौधे को सही पोषण भी चाहिए। समय-समय पर मिट्टी में सड़ी हुई गोबर की खाद या कंपोस्ट डाल सकते हैं। बहुत ज्यादा नाइट्रोजन वाली खाद देने से बेल और पत्तियां तो तेजी से बढ़ सकती हैं, लेकिन फल कम बन सकते हैं। इसलिए खाद हमेशा जरूरत के हिसाब से दें।
अंत में बताते चले कि, लौकी की बेल को अच्छी बढ़त और फूल-फल के लिए धूप चाहिए। पौधे को ऐसी जगह रखें जहां उसे रोज कई घंटे धूप मिल सके। बेल को मजबूत सहारा देकर ऊपर की ओर चढ़ाएं, ताकि उसे फैलने के लिए जगह मिले और फूलों तक हवा और रोशनी भी अच्छी तरह पहुंच सके। नियमित देखभाल से फूलों के साथ फल आने की संभावना भी बेहतर हो सकती है।
