नई दिल्ली। बारिश का मौसम आते ही चारों तरफ हरियाली छा जाती है और यह समय किचन गार्डनिंग का शौक रखने वालों के लिए बहुत ही सही होता है। सावन-भादों की ठंडी फुहारें और हवा में मौजूद नमी पौधों की ग्रोथ के लिए एक कुदरती खाद का काम करती हैं। इस मौसम में लगाई गई छोटी सी कलम भी बहुत तेजी से जड़ पकड़ लेती है और पौधे दोगुनी रफ्तार से लहलहाने लगते हैं। किचन गार्डन में सिर्फ सब्जियां ही नहीं बल्कि अच्छे पत्तेदार, खुशबूदार और रंग-बिरंगे पौधे भी जोड़े जा सकते हैं जो घर के लुक को फ्रेश बना देते हैं।
हम आपको यहां बता दें कि, अगर किचन गार्डन में चटख रंगों का तड़का लगाना हो तो पेट्रा क्रोटन सबसे बढ़िया विकल्प है। इसके चौड़े पत्तों पर पीले, लाल, नारंगी और हरे रंग का नेचुरल शेड होता है। मानसून की हल्की रोशनी और नमी मिलते ही इसकी पत्तियां और ज्यादा चमकदार हो जाती हैं। बड़े पत्तों वाला मनी प्लांट यानी जंबो पोथोस भी हरियाली को बढ़ाता है। इसके बड़े दिल के आकार के और कटिंगदार हरे पत्ते ट्रॉपिकल जंगल जैसा फील देते हैं। इसे मॉस स्टिक के सहारे ऊपर चढ़ाया जा सकता है या किचन विंडो के पास हैंगिंग पॉट में लगाया जा सकता है। बारिश के मौसम में मनी प्लांट बहुत तेजी से बढ़ता है।
पेट्रा क्रोटन देगा रंग-बिरंगा लुक
अगर किचन गार्डन या बालकनी में हरे रंग के साथ पीला, लाल और नारंगी रंग भी शामिल करना चाहते हैं तो पेट्रा क्रोटन एक आकर्षक विकल्प हो सकता है। इसकी सबसे बड़ी खूबी इसकी पत्तियां हैं, जिनमें हरे रंग के साथ पीले, नारंगी और लाल रंग के शेड दिखाई दे सकते हैं।
मानसून के दौरान पर्याप्त रोशनी और उचित नमी मिलने पर इसकी पत्तियां काफी आकर्षक नजर आती हैं। हालांकि, इसे बहुत अधिक पानी में रखने से बचना चाहिए। गमले में पानी की निकासी के लिए पर्याप्त छेद होना जरूरी है, ताकि लगातार बारिश या अतिरिक्त सिंचाई के कारण जड़ों में पानी जमा न हो।
इस कड़ी मे जानकारी देते चले कि, जगह थोड़ी कम हो तो जेली बीन्स प्लांट और हवॉर्थिया अच्छे विकल्प हैं। जेली बीन्स प्लांट यानी सेडम रुब्रोटिंक्टम की पत्तियां छोटी, गोल-मटोल और जेली कैंडी जैसी दिखती हैं। हल्की धूप और बारिश में इसके पत्तों के सिरे हल्के लाल-गुलाबी रंग में बदल जाते हैं। हवॉर्थिया अपने जेब्रा जैसी सफेद धारियों और स्टार जैसे कॉम्पैक्ट शेप की वजह से अलग लगता है। यह पौधा धीरे बढ़ता है और कम जगह घेरता है। सकुलेंट्स अपनी अनोखी बनावट, मोटी गूदेदार पत्तियों और मॉडर्न लुक के लिए जाने जाते हैं। अलग-अलग वैरायटी के सकुलेंट्स को छोटे सेरेमिक पॉट्स में स्टैंड पर सजाने से एरिया स्टाइलिश दिखता है।मानसून के दौरान सकुलेंट्स, हवॉर्थिया और जेली बीन्स जैसे पौधों को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। इन पौधों की पत्तियों में पहले से काफी पानी स्टोर रहता है, इसलिए इन्हें लगातार तेज बारिश में खुले में न छोड़ें। गमले की मिट्टी में रेत या परलाइट की मात्रा ज्यादा हो ताकि पानी न रुके। गमले के नीचे ड्रेनेज होल साफ रखें और जब मिट्टी पूरी तरह सूख जाए तभी हल्का पानी दें।
कम जगह के लिए जेली बीन्स प्लांट
अगर आपके किचन गार्डन में जगह कम है तो जेली बीन्स प्लांट, जिसे Sedum rubrotinctum के नाम से भी जाना जाता है, लगाया जा सकता है। इसकी छोटी, गोल और मोटी पत्तियां देखने में जेली कैंडी जैसी लगती हैं। यही अनोखी बनावट इसे दूसरे सामान्य पौधों से अलग बनाती है।
पर्याप्त रोशनी मिलने पर इसकी पत्तियों के सिरे लाल या गुलाबी रंग के हो सकते हैं, जिससे पौधे की खूबसूरती और बढ़ जाती है। इसे छोटे गमले या कंटेनर में आसानी से रखा जा सकता है। हालांकि, यह एक सकुलेंट है, इसलिए लगातार गीली मिट्टी इसके लिए अच्छी नहीं होती।
कुल मिलाकर, मानसून किचन गार्डन को नया रूप देने का अच्छा अवसर है। पेट्रा क्रोटन जैसे रंगीन पत्तियों वाले पौधे जहां गार्डन में रंग भर सकते हैं, वहीं जंबो पोथोस हरियाली बढ़ा सकता है। कम जगह में जेली बीन्स प्लांट और हवॉर्थिया जैसे पौधे लगाए जा सकते हैं, जबकि अलग-अलग सकुलेंट्स छोटे प्लांटर में आधुनिक और आकर्षक लुक दे सकते हैं। सही गमला, अच्छी जल निकासी, पर्याप्त रोशनी और जरूरत के अनुसार पानी देकर इन पौधों को मानसून में स्वस्थ रखा जा सकता है।
