मुंबई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में नए महापौर के चयन को लेकर सस्पेंस अब चरम पर है। महायुति गठबंधन (भाजपा, एकनाथ शिंदे गुट शिवसेना और सहयोगी) ने 15 जनवरी 2026 को हुए BMC चुनावों में स्पष्ट बहुमत हासिल कर इतिहास रच दिया है। चुनाव परिणाम 16 जनवरी को घोषित हुए, जिसमें महायुति को 227 में से 118 से अधिक सीटें मिलीं। भाजपा अकेले सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और लगभग 89 सीटें जीतीं। यह जीत ठाकरे परिवार की दशकों पुरानी सत्ता को समाप्त करने वाली साबित हुई है, क्योंकि उद्धव ठाकरे गुट शिवसेना (UBT) को काफी कम सीटें मिलीं।
महम आपको बता दें कि, हापौर चुनाव की प्रक्रिया कानूनी रूप से निर्धारित है। सबसे पहले शहरी विकास विभाग द्वारा महापौर पद की आरक्षण श्रेणी तय की जाती है। इसके लिए 22 जनवरी को लॉटरी निकाली जाएगी, जिसमें तय होगा कि पद ओपन (जनरल) कैटेगरी का रहेगा या SC/ST, OBC या महिलाओं के लिए आरक्षित होगा। यह लॉटरी राज्य स्तर पर सभी 29 महानगरपालिकाओं के लिए एक साथ होगी, जो 2011 की जनगणना के आधार पर SC/ST/OBC की आबादी के अनुपात पर आधारित है। नियमों के अनुसार, महापौर पदों में 50 प्रतिशत महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जिसमें SC/ST श्रेणी भी शामिल है। लॉटरी के परिणाम आने के बाद उसी दिन या 23 जनवरी तक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी होगा। इसके बाद सात से दस दिनों का नोटिस अनिवार्य है, इसलिए महापौर चुनाव 28, 29-30 या 30-31 जनवरी के आसपास होने की संभावना है।
फिलहाल, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस विश्व आर्थिक मंच (WEF) की 56वीं वार्षिक बैठक के लिए दावोस, स्विट्जरलैंड में हैं। यह बैठक 19 से 23 जनवरी तक चल रही है, जिसमें 130 से अधिक देशों के करीब 3,000 नेता, नीति निर्माता और कारोबारी शामिल हैं। फडणवीस रविवार (18 जनवरी) को दावोस पहुंचे और 24 या 25 जनवरी को वापस लौटेंगे। उनकी अनुपस्थिति में गठबंधन स्तर पर महापौर पर अंतिम चर्चा रुकी हुई है। दावोस पहुंचते ही फडणवीस ने मराठी समुदाय से मुलाकात की और उद्योग मंत्री उदय सामंत तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें कीं। उन्होंने कहा कि WEF 2026 महाराष्ट्र को 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पिछले साल (2025) WEF में महाराष्ट्र ने 15.7 से 16 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते (MoUs) हासिल किए थे, और इस बार और अधिक निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लॉटरी के बाद और फडणवीस की वापसी पर जल्द फैसला हो जाएगा। महापौर चुनाव में 227 सदस्यीय सदन में साधारण बहुमत (114 से अधिक वोट) जरूरी है, और महायुति के पास यह आसानी से है। यह चुनाव मुंबई के शहरी विकास, बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं के लिए महत्वपूर्ण होगा। महायुति की जीत को मुख्यमंत्री फडणवीस ने समावेशी शासन का जनादेश बताया है, जो विकास और हिंदुत्व को साथ लेकर चलता है।
