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समाचार मिर्ची

नई दिल्ली। 3 मई को हुई NEET परीक्षा पेपर लीक मामले में जयपुर के जमवा रामगढ़ निवासी दिनेश बिवाल आरोपी बन गए हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ उनके राजनीतिक संबंधों का मुद्दा सामने आया है, जिस पर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं। बिवाल ने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर खुद को बीजेपी जयपुर ग्रामीण का पूर्व जिला मंत्री बताया है। कई पोस्टरों, होर्डिंग्स और सोशल मीडिया पोस्ट में भी उन्हें बीजेपी पदाधिकारी के रूप में दिखाया गया है।

भाजपा नेताओं ने बिवाल से दूरी बनाते हुए दावा किया है कि उन्हें कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई थी। बीजेवाईएम प्रदेश अध्यक्ष शंकर गौरा ने कहा कि उनके नेतृत्व में जयपुर ग्रामीण जिले में कोई नियुक्ति नहीं हुई। पूर्व जिला अध्यक्ष अमित शर्मा और बलराम दून ने भी अपने कार्यकाल में बिवाल को कोई आधिकारिक जिम्मेदारी न देने का दावा किया। हालांकि, बलराम दून ने यह स्वीकार किया कि 2011 में जब वे जिला अध्यक्ष बने थे, तब बिवाल पिछली टीम का हिस्सा थे और राज्य मंत्री के पद पर थे।

फिलहाल पूरे मामले पर देशभर की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं इस विवाद को और गर्मा सकती हैं। छात्रों और अभिभावकों की सबसे बड़ी चिंता यही है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार और संबंधित एजेंसियां क्या ठोस कदम उठाती हैं।

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