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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) योजना देश के करोड़ों छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा बनी हुई है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की सहायता तीन समान किस्तों में सीधे बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से प्रदान की जाती है। प्रत्येक किस्त में 2,000 रुपये दिए जाते हैं, जो अप्रैल-जुलाई, अगस्त-नवंबर और दिसंबर-मार्च के चक्र में जारी होती हैं। योजना की शुरुआत 2019 में हुई थी और अब तक 21 किस्तें सफलतापूर्वक जारी हो चुकी हैं, जिनसे करोड़ों किसानों को सीधा लाभ मिला है।

हालांकि, सामान्य पात्र किसानों के लिए 22वीं किस्त में केवल 2,000 रुपये ही आएंगे। योजना की राशि में अब तक कोई वृद्धि नहीं हुई है और सालाना सहायता 6,000 रुपये ही बनी हुई है। 1 फरवरी 2026 को पेश होने वाले आम बजट में अगर पीएम किसान योजना के बजट में बढ़ोतरी होती है, तो भविष्य में राशि बढ़ सकती है, लेकिन 22वीं किस्त के लिए अभी कोई ऐसा ऐलान नहीं हुआ है। किसान इस बात की उम्मीद जरूर कर रहे हैं कि बजट में सालाना सहायता को 9,000 रुपये तक बढ़ाया जा सकता है, लेकिन फिलहाल यह केवल अटकलें हैं।

महत्वपूर्ण बात यह है कि, किस्त पाने के लिए जरूरी शर्तें और अपडेट: 2026 में योजना के नियम और सख्त हो गए हैं। अब 22वीं किस्त के लिए फार्मर आईडी और ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिए गए हैं। फार्मर आईडी एक यूनिक डिजिटल पहचान है, जो आधार से जुड़ी होती है और राज्य के भूमि रिकॉर्ड सिस्टम (एग्रीस्टैक) से लिंक रहती है। अगर फार्मर आईडी नहीं है या ई-केवाईसी अधूरा है, तो किस्त रुक सकती है। ई-केवाईसी को आधार नंबर डालकर ओटीपी या फेस ऑथेंटिकेशन ऐप से पूरा किया जा सकता है।

बता दें कि, किसान योजना अब तक करोड़ों किसानों तक पहुंच चुकी है और 21 किस्तों में हजारों करोड़ रुपये ट्रांसफर हो चुके हैं। यह योजना किसानों को कृषि इनपुट्स खरीदने, घरेलू खर्च चलाने और मौसम की चुनौतियों से निपटने में मदद करती है। 22वीं किस्त के साथ ही किसान अगले सीजन की तैयारी कर सकेंगे। सरकार फर्जी लाभार्थियों को रोकने और सही किसानों तक लाभ पहुंचाने पर जोर दे रही है, इसलिए सभी जरूरी प्रक्रियाएं समय पर पूरी करें।

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