Skip to main content

समाचार मिर्ची

नई दिल्ली । देश के करोड़ों किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना काफी मशहूर है। इसके तहत किसानों को हर साल 6,000 रुपये दिए जाते हैं, जो 2,000-2,000 रुपये की तीन किश्तों में सीधे उनके बैंक खाते में भेजे जाते हैं। केंद्र सरकार ने पिछले कई वर्षों में किसानों के लिए कई अन्य योजनाएं भी शुरू की हैं, जो सीधे बैंक खाते में पैसा भेजती हैं, सस्ता कर्ज देती हैं, फसल का बीमा करती हैं और सोलर पंप लगाने में मदद करती हैं।

फसल बीमा और नुकसान की भरपाई के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना महत्वपूर्ण है। अगर किसी किसान की फसल बारिश, बाढ़ या सूखे से खराब हो जाए तो इस योजना के तहत नुकसान पर मुआवजा सीधे उनके खाते में भेजा जाता है। राज्य सरकारें भी इसमें अपना हिस्सा जोड़ रही हैं। हाल ही में मध्य प्रदेश सरकार ने अपनी कैबिनेट बैठक में इस योजना के लिए 11,608 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी दी है। पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल के हुगली जिले से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन और प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना जैसी करीब 12,200 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ भी किया।

यहां हम आपको बताते चले कि, खेती को आसान और सस्ता बनाने के लिए सरकार आधुनिक कृषि उपकरणों की खरीद पर 50 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक सब्सिडी देती है। पीएम कुसुम यानी किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान योजना के तहत किसानों को खेतों में मुफ्त या सस्ती दरों पर सोलर पंप लगाने में मदद दी जाती है। इससे बिजली का खर्च बचता है और किसान अपनी बिजली बेचकर अतिरिक्त कमाई भी कर सकते हैं। कई राज्य सरकारें अपनी तरफ से अतिरिक्त पेंशन और कर्जमाफी जैसी सुविधाएं भी दे रही हैं।बहुत से किसान सिर्फ पीएम किसान योजना के बारे में जानते हैं। देश में 40 से 50 प्रतिशत किसानों को इन अन्य योजनाओं की सही जानकारी नहीं होती, जिसकी वजह से वे इनका लाभ नहीं ले पाते।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से फसल नुकसान की भरपाई

खेती में सबसे बड़ा जोखिम मौसम और प्राकृतिक आपदाओं का होता है। बारिश, बाढ़, सूखा जैसी परिस्थितियों में किसानों की पूरी फसल या उसका एक बड़ा हिस्सा खराब हो सकता है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) किसानों के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच के रूप में काम करती है।

इस योजना के तहत पात्र किसानों की फसलों का बीमा किया जाता है। बीमित फसल को प्राकृतिक आपदा या निर्धारित जोखिम के कारण नुकसान होने की स्थिति में नियमों और आकलन के आधार पर बीमा दावा मिल सकता है। स्वीकृत दावा राशि लाभार्थी किसान के बैंक खाते में भेजी जाती है।

फसल बीमा में केंद्र के साथ राज्य सरकारों की भी भूमिका होती है। हाल ही में मध्य प्रदेश सरकार ने अपनी कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 11,608 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी दी है। इससे राज्य में किसानों की फसल सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, PM Kisan किसानों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता योजना है, लेकिन सरकारी मदद का दायरा इससे कहीं बड़ा है। फसल बीमा किसानों को प्राकृतिक जोखिम से सुरक्षा देने में मदद करता है, कृषि मशीनरी पर सब्सिडी खेती को आधुनिक बनाने में सहायक हो सकती है और PM KUSUM जैसी पहलें सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देती हैं। वहीं कृषि ऋण और राज्य सरकारों की योजनाएं किसानों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में भूमिका निभाती हैं।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version