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समाचार मिर्ची

केरल की राजनीति में सोमवार को उस समय बड़ा हंगामा खड़ा हो गया जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता प्रिंटू महादेवन के खिलाफ कांग्रेस के शीर्ष नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को गोली मारने जैसी टिप्पणी करने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। यह मामला उस बयान से जुड़ा है जो महादेवन ने एक मलयालम टीवी चैनल की परिचर्चा में दिया था।

भाजपा नेता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 192 (दंगे भड़काने के इरादे से जानबूझकर उकसाना), धारा 353 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) और धारा 351(2) (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
रिपोर्केट के अनुसार, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस धमकी को एक बड़ी साजिश का हिस्सा बताया और कहा कि गृह मंत्रालय को उनके लिखे पत्र का अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। वेणुगोपाल ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर धमकी देने वाले भाजपा नेता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

कांग्रेस की शिकायत पर मामला दर्ज

कांग्रेस केरल प्रदेश कमेटी के सचिव श्रीकुमार सीसी ने इस संबंध में पेरामंगलम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रिंटू महादेवन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। इनमें धारा 192 (दंगे भड़काने के इरादे से जानबूझकर उकसाना), धारा 353 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) और धारा 351(2) (आपराधिक धमकी) शामिल हैं।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा इस मामले में कार्रवाई करने से बच रही है। उनका आरोप है कि यह केवल एक बयान नहीं बल्कि विपक्ष के दमन की रणनीति का हिस्सा है। राहुल गांधी हाल के महीनों में लगातार भाजपा और केंद्र सरकार पर भ्रष्टाचार, रोजगार और लोकतंत्र को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस का मानना है कि इसीलिए उनके खिलाफ इस तरह की बयानबाजी हो रही है।

बता दें कि, राहुल गांधी को गोली मारने की धमकी वाली यह टिप्पणी भारतीय राजनीति के लिए बेहद असहज स्थिति लेकर आई है। एक ओर कांग्रेस इसे लोकतंत्र पर हमला बता रही है, वहीं भाजपा की चुप्पी इस विवाद को और गहरा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि न्यायपालिका और राजनीतिक नेतृत्व इस मुद्दे पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं।

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