मुंबई।शरद पवार की पार्टी के सभी आठ लोकसभा सांसद सोमवार को संसद भवन स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। एनसीपी (एसपी) के ये सांसद महाराष्ट्र के अहम मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री से चर्चा करेंगे।सुप्रिया सुले के अनुसार पार्टी ने महाराष्ट्र से जुड़े कई गंभीर और लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों पर प्रधानमंत्री का ध्यान खींचने के लिए मुलाकात का समय मांगा था। संसद की कार्यवाही लगातार बाधित होने के कारण सांसदों ने अब सीधे प्रधानमंत्री से मिलकर राज्य की समस्याएं रखने का फैसला किया है।
इस संबंध में सुप्रिया सुले ने बताया कि महाराष्ट्र के सामने इस समय कई गंभीर चुनौतियां हैं। इनमें पानी की कमी, किसानों की आत्महत्या, तेजी से बढ़ता शहरीकरण और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों से जुड़ी समस्याएं प्रमुख हैं। उन्होंने सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना यानी एमपीलैड फंड का मुद्दा भी उठाया। सांसदों को अपने क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए मिलने वाले पांच करोड़ रुपये के फंड का इस्तेमाल करने में कई व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य सरकार की ओर से पर्याप्त सहयोग नहीं मिलने के कारण इन फंडों का इस्तेमाल प्रभावित हो रहा है।बीजेपी नेता नवनीत राणा ने इस मुलाकात का स्वागत करते हुए कहा कि महाराष्ट्र के विकास के लिए अगर शरद पवार की पार्टी के सांसद मिल रहे हैं तो इसमें किसी तरह की कोई बुरी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर वे महाराष्ट्र की प्रगति के बारे में सोच रहे हैं और इस सोच के साथ प्रधानमंत्री से मिल रहे हैं तो यह अच्छा है।
महाराष्ट्र के मुद्दों पर होगी चर्चा
प्रस्तावित बैठक में महाराष्ट्र के सामने मौजूद विभिन्न चुनौतियों पर चर्चा होने की उम्मीद है। सुप्रिया सुले ने जिन प्रमुख मुद्दों का उल्लेख किया है, उनमें पानी की कमी, किसानों की आत्महत्या, तेजी से बढ़ता शहरीकरण और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं।
महाराष्ट्र देश के प्रमुख औद्योगिक और कृषि राज्यों में शामिल है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों की समस्याएं भी अलग-अलग हैं। कई ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, जबकि बड़े शहरों में तेजी से बढ़ता शहरीकरण बुनियादी ढांचे, आवास, परिवहन और नागरिक सुविधाओं पर दबाव बढ़ा रहा है।
संसद की कार्यवाही बाधित होने के बीच PM से सीधी मुलाकात
सुप्रिया सुले ने बताया कि संसद की कार्यवाही लगातार बाधित होने के कारण सांसदों ने प्रधानमंत्री से सीधे मिलने का फैसला किया है। उनका कहना है कि महाराष्ट्र के महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रधानमंत्री तक पहुंचाना जरूरी है।
संसद लोकतांत्रिक चर्चा का प्रमुख मंच है, लेकिन जब किसी कारण से कार्यवाही बाधित होती है तो सांसदों को अपने मुद्दे सरकार तक पहुंचाने के अन्य संसदीय और राजनीतिक माध्यमों का सहारा लेना पड़ता है। प्रधानमंत्री के साथ प्रस्तावित बैठक इसी प्रयास का हिस्सा मानी जा रही है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि प्रधानमंत्री के साथ बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होती है और केंद्र सरकार की ओर से महाराष्ट्र से जुड़े विषयों पर किस तरह का आश्वासन या कार्रवाई सामने आती है। फिलहाल, एनसीपी (एसपी) सांसदों की यह सामूहिक मुलाकात महाराष्ट्र के विकास और राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को केंद्र के सामने रखने के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
