नई दिल्ली। बिहार की राजनीति में एक बार फिर सियासी संग्राम छिड़ गया है। मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संसद से लेकर सड़क तक विरोध की रणनीति तैयार की जा रही है। इसी कड़ी में विपक्षी दलों का प्रस्तावित विरोध मार्च अब 7 अगस्त की जगह 11 अगस्त को निकाला जाएगा। यह फैसला झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन के बाद लिया गया।
बिहार में मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ संसद से सड़क तक संग्राम कर रहे विपक्षी दलों का चुनाव आयोग के मुख्यालय तक विरोध मार्च अब सात की जगह 11 अगस्त को होगा।
झामुमो नेता शिबू सोरेन के निधन के कारण आठ अगस्त की जगह अब अगले सोमवार को विपक्ष का यह विरोध मार्च निकलेगा। विपक्षी आईएनडीआईए गठबंधन के सांसद और तमाम नेता संसद भवन के सामने विजय चौक से ‘वोटबंदी’ के खिलाफ अशोक रोड स्थित चुनाव आयोग के दफ्तर तक विरोध मार्च निकालेंगे।