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देश के उत्तर भारत में एक बार फिर सर्दी ने जोर पकड़ लिया है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश का दौर जारी है, जिससे ठंड में तेजी से इजाफा हो रहा है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश समेत कम से कम 9 राज्यों में मौसम का यह बदलाव लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 3 फरवरी 2026 को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है, जबकि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कुछ मैदानी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।

बता दें कि, ठंड का सबसे अधिक असर पहाड़ी इलाकों में दिख रहा है, जहां तापमान जमाव बिंदु से काफी नीचे चला गया है। लद्दाख के द्रास में न्यूनतम तापमान -15 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो क्षेत्र की कड़ाके की ठंड को दर्शाता है। द्रास को दुनिया के सबसे ठंडे बसे हुए स्थानों में से एक माना जाता है, जहां सर्दियों में तापमान अक्सर -20 से -30 डिग्री तक गिर जाता है। जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में भी -8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। इन इलाकों में बर्फबारी के कारण सड़कें बंद हो रही हैं, पर्यटन प्रभावित हो रहा है और स्थानीय निवासियों को बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं में दिक्कत आ रही है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में भी भारी बर्फबारी से कई दर्रे जैसे रोहतांग, शिपकी ला आदि प्रभावित हुए हैं।

वही, IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, 3 फरवरी के बाद ठंड में थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन 5 फरवरी की रात से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जो उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। फरवरी महीने के लिए कुल मिलाकर सामान्य से कम बारिश और औसत से अधिक तापमान की उम्मीद है, लेकिन शुरुआती दिनों में यह सक्रियता जारी रहेगी।

कुल मिलाकर, पश्चिमी विक्षोभ ने उत्तर भारत को फिर से सर्दी की चपेट में ले लिया है। पहाड़ों पर बर्फबारी का नजारा खूबसूरत है, लेकिन मैदानों में ठंड और कोहरे ने जीवन को मुश्किल बना दिया है। मौसम विभाग लगातार अपडेट जारी कर रहा है, और लोगों को सतर्क रहने की अपील की जा रही है। आने वाले दिनों में मौसम कैसे रहता है, इस पर सभी की नजर टिकी हुई है।

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