जम्मू। जम्मू में 14 फरवरी को कांग्रेस पार्टी लोकभवन तक ‘मनरेगा बचाओ मार्च’ निकालने जा रही है। यह निर्णय आज जम्मू स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया। बैठक में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं, जिला अध्यक्षों तथा विभिन्न अग्रणी संगठनों के प्रमुखों ने भाग लिया और आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान तारिक हमीद करा ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि मनरेगा केवल एक रोजगार योजना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण भारत की आर्थिक रीढ़ है। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में चल रहे ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ की समीक्षा की गई है और अब इसे और व्यापक स्तर पर ले जाने की जरूरत है। उनके अनुसार, यह आंदोलन केवल शहरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे गांव-गांव और हर घर तक पहुंचाया जाना चाहिए।
इस संबंध में बैठक में मौजूद नेताओं ने कहा कि मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने की एक प्रमुख योजना है, जिसके तहत जरूरतमंद परिवारों को वर्ष में कम से कम 100 दिनों का रोजगार सुनिश्चित किया जाता है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि हाल के समय में इस योजना के तहत कार्य आवंटन, भुगतान में देरी और बजट से संबंधित समस्याएं सामने आई हैं, जिससे लाभार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इस दौरान बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मार्च को सफल बनाने के लिए जिला स्तर पर बैठकें आयोजित की जाएंगी और ब्लॉक व पंचायत स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जाएगा। कांग्रेस का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक ग्रामीण प्रतिनिधि और लाभार्थी इस मार्च में भाग लें, ताकि उनकी समस्याओं को सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।
चलते चलते बता दें कि, वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि यह मार्च शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र में अपनी मांगों को शांतिपूर्वक और संगठित ढंग से उठाना हर नागरिक का अधिकार है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अनुशासन बनाए रखने और आंदोलन को सकारात्मक एवं मुद्दा-आधारित रखने का आह्वान किया।
