नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर अक्सर खगोलीय घटनाओं को लेकर तरह-तरह की अफवाहें फैलती रहती हैं। हाल ही में “सदी का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण” को लेकर भी कई भ्रामक दावे किए जा रहे थे। हालांकि विशेषज्ञों और खगोल विज्ञान से जुड़े जानकारों ने इन अफवाहों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि 21वीं सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण 2 अगस्त 2027 को लगेगा, जो एक ऐतिहासिक खगोलीय घटना साबित होगा।
6 मिनट 22 सेकंड तक रहेगा सूर्य ग्रहण
जानकारों के मुताबिक, 2 अगस्त 2027 को लगने वाला यह सूर्य ग्रहण लगभग 6 मिनट 22 सेकंड तक चलेगा। इतनी लंबी अवधि का सूर्य ग्रहण बेहद दुर्लभ माना जाता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इसके बाद इतना लंबा सूर्य ग्रहण साल 2114 में देखने को मिलेगा। यही कारण है कि इस घटना को 21वीं सदी का सबसे महत्वपूर्ण और लंबा सूर्य ग्रहण बताया जा रहा है।
सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है और सूर्य की रोशनी को आंशिक या पूर्ण रूप से ढक लेता है। इस दौरान पृथ्वी के कुछ हिस्सों में दिन के समय अंधेरा छा जाता है। यह पूरी तरह एक खगोलीय घटना है, जिसका सीधा संबंध ग्रहों और उपग्रहों की गति से होता है।
भारत में कहां-कहां दिखेगा ग्रहण
भारत में यह सूर्य ग्रहण पूर्ण रूप से नहीं, बल्कि आंशिक रूप में दिखाई देगा। देश के लगभग सभी राज्यों में लोग इस खगोलीय घटना का आंशिक नजारा देख सकेंगे। जिन क्षेत्रों में यह ग्रहण देखा जा सकेगा, उनमें अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।
कुल मिलाकर, 2 अगस्त 2027 को लगने वाला सूर्य ग्रहण 21वीं सदी की एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना होगी। यह न केवल वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि लोगों के बीच जागरूकता और जिज्ञासा बढ़ाने का भी एक बड़ा अवसर है। ऐसे में जरूरी है कि हम अफवाहों से दूर रहें और इस अद्भुत प्राकृतिक घटना को सही जानकारी और सुरक्षित तरीके से देखें।
