‘मुंबई।क्रिस्टोफर नोलन निर्देशित फिल्म ‘द ओडिसी’ में टॉम हॉलैंड, जेंडया, मैट डेमन, रॉबर्ट पैटिनसन, ऐनी हैथवे, लुपिता न्योंगो और चार्लीज थेरॉन मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म की अवधि 2 घंटे 52 मिनट है और इसे 3 में से 5 रेटिंग दी गई है। कहानी ग्रीक राजा ओडिसियस (मैट डेमन) के इर्द-गिर्द बुनी गई है, जो ट्रोजन युद्ध के बाद अपनी पत्नी और बेटे (ऐनी हैथवे और टॉम हॉलैंड) को बचाने के लिए निकलता है। इस खतरनाक यात्रा के दौरान उसे कई खूंखार पौराणिक जीवों का सामना करना पड़ता है।
क्रिस्टोफर नोलन ने कहानी से लेकर किरदार तक बहुत बारीकी से काम किया है। फिल्म के कई सीन्स ऐसे हैं जिन्हें देखकर दर्शक खो जाते हैं। सितारों ने बेहतर परफॉर्मेंस दी है। टॉम हॉलैंड के मैच्योर अंदाज की खूब तारीफ हो रही है। ऐनी हैथवे ने रानी के तौर पर अपनी कमजोरी छिपाने की कोशिश की है। रॉबर्ट पैटिनसन दमदार अवतार में नजर आए हैं और उनका जोश कमाल है। फिल्म के विजुअल्स दर्शकों को सीट छोड़ने नहीं देते। क्लाइमेक्स कमाल है और लुडविग गोरैनसन का संगीत जबरदस्त है।
कुल मिलाकर कलाकारों ने फिल्म में जान डालने के लिए मेहनत की है। हालांकि कहीं-कहीं डायरेक्शन कमजोर नजर आता है। कहानी को और अच्छे तरीके से पिरोया जा सकता था। ग्रीक माइथोलॉजी के हिसाब से हेलन दुनिया की सबसे खूबसूरत महिला है, लेकिन फिल्म इस बात को जस्टिफाई करती नजर नहीं आई।
कहानी: घर लौटने की संघर्षपूर्ण यात्रा
फिल्म की कहानी ग्रीक राजा ओडिसियस (मैट डेमन) के इर्द-गिर्द घूमती है। ट्रोजन युद्ध समाप्त होने के बाद ओडिसियस अपने राज्य और परिवार के पास लौटना चाहता है। लेकिन यह सफर आसान नहीं होता। रास्ते में उसे अनेक पौराणिक जीवों, रहस्यमयी शक्तियों और जानलेवा चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
उसका उद्देश्य केवल अपने राज्य में लौटना नहीं, बल्कि अपनी पत्नी और बेटे तक सुरक्षित पहुंचना भी है। फिल्म इसी रोमांचक यात्रा को बड़े पैमाने पर प्रस्तुत करती है, जहां हर मोड़ पर नया खतरा और नई परीक्षा उसका इंतजार करती है।
ग्रीक मिथकों पर आधारित यह कहानी रोमांच, भावनाओं और संघर्ष का मिश्रण है, जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखने की कोशिश करती है।
‘द ओडिसी’ एक महत्वाकांक्षी और भव्य फिल्म है, जिसमें क्रिस्टोफर नोलन ने ग्रीक महाकाव्य को आधुनिक सिनेमाई अंदाज में पेश करने का प्रयास किया है। शानदार विजुअल्स, प्रभावशाली बैकग्राउंड स्कोर और दमदार स्टारकास्ट इसे देखने लायक बनाते हैं। हालांकि, कहानी की प्रस्तुति और कुछ पौराणिक पहलुओं को और बेहतर ढंग से विकसित किया जा सकता था।यदि आप बड़े पर्दे पर एक भव्य पौराणिक एडवेंचर का अनुभव लेना चाहते हैं, तो यह फिल्म आपको निराश नहीं करेगी। लेकिन इसे एक पूर्णतः त्रुटिहीन मास्टरपीस कहना शायद जल्दबाजी होगी। यही वजह है कि इसे 5 में से 3 स्टार की रेटिंग दी जा सकती है।
