कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर शुक्रवार को अपना घोषणापत्र जारी कर दिया। इसे ‘दीदी के 10 संकल्प’ के रूप में पेश किया गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे राज्य की अगले पांच साल की शासन की रूपरेखा बताया है। घोषणापत्र में कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष फोकस है।
घोषणापत्र में ‘लक्ष्मीर भंडार’ योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये (500 रुपये की बढ़ोतरी) और एससी/एसटी वर्ग की महिलाओं को 1700 रुपये देने का वादा किया गया है। बेरोजगार युवाओं के लिए ‘बांग्लार युवा साथी’ योजना के तहत प्रतिमाह 1500 रुपये की सहायता जारी रहेगी। किसानों के लिए 30 हजार करोड़ रुपये का कृषि बजट प्रस्तावित है, जिसमें भूमिहीन किसानों को भी शामिल किया जाएगा। हर परिवार को पक्का मकान और सभी घरों में पाइप से पीने का पानी पहुंचाने का संकल्प लिया गया है।
इसके अलावा ‘द्वारे चिकित्सा’ योजना के तहत हर साल घर-घर चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे। सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं में सुधार, वृद्धावस्था पेंशन योजना का विस्तार और पूर्वी भारत का व्यापार केंद्र बनाने के लिए आधुनिक लॉजिस्टिक्स व ग्लोबल ट्रेड सेंटर विकसित करने जैसे वादे शामिल हैं। प्रशासनिक सुधार के तहत सात नए जिले बनाए जाएंगे और शहरी निकायों का विस्तार होगा।
ममता बनर्जी ने घोषणापत्र जारी करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र बंगाल में हस्तक्षेप बढ़ा रहा है, अधिकारों को छीन रहा है और राज्य को कमजोर करने की साजिश रच रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव विचारधारा की लड़ाई है और बंगाल भाजपा को करारा जवाब देगा। चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि मतगणना 4 मई को होगी।
