समाचार मिर्ची

समाचार मिर्ची: सबसे तेज़ खबरें, हर पल ताज़ा विश्वसनीय समाचार, हर नजरिए से सही देश-दुनिया की सबसे ताज़ा खबरें खबरें जो आपको बनाए रखें अपडेट राजनीति से लेकर खेल तक, सबकुछ आपको मिलेगा तेज और विश्वसनीय खबरें, बस एक क्लिक दूर हर पल की ताज़ी खबर, बिना किसी झोल के खबरें जो आपको चौंका दें, हर बार जानिए हर अपडेट, सबसे पहले और सबसे सही जहाँ सच्चाई और ताजगी मिलती है

समाचार मिर्ची: सबसे तेज़ खबरें, हर पल ताज़ा विश्वसनीय समाचार, हर नजरिए से सही देश-दुनिया की सबसे ताज़ा खबरें खबरें जो आपको बनाए रखें अपडेट तेज और विश्वसनीय खबरें, बस एक क्लिक दूर हर पल की ताज़ी खबर, बिना किसी झोल के खबरें जो आपको चौंका दें, हर बार जानिए हर अपडेट, सबसे पहले और सबसे सही जहाँ सच्चाई और ताजगी मिलती है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प लंबे समय से अपनी आक्रामक व्यापार नीतियों और टैरिफ की धमकियों के लिए जाने जाते हैं। दुनिया के कई देशों ने उनके इस सख्त रुख का सामना किया है, लेकिन हाल ही में एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया, जिसने वैश्विक राजनीति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में नई बहस को जन्म दे दिया। सवाल यह उठने लगा कि जो ट्रम्प पूरी दुनिया को टैरिफ से डराते रहे, वे आखिर यूरोप के सामने क्यों झुक गए? इसका जवाब छिपा है यूरोपीय यूनियन के 27 देशों की एकजुटता और उनके तथाकथित ‘ट्रेड बाजूका’ में।

ट्रम्प ने जब इन देशों पर 1 फरवरी से 10% टैरिफ लगाने की धमकी दी तो, यूरोप ने अमेरिका पर ‘ट्रेड बाजूका’ लगाने की धमकी दी।इसका मतलब साफ था कि यूरोप भी पूरी ताकत से जवाबी आर्थिक कदम उठाने के लिए तैयार है। आखिरकार दुनिया को टैरिफ से डराने वाले ट्रम्प को यूरोपीय यूनियन (EU) के 27 देशों के आगे झुकने पड़ा।ट्रम्प ने ग्रीनलैंड पर भी नरमी बरती और कहा कि इस पर कब्जा करने के लिए ताकत का इस्तेमाल नहीं करेंगे। उन्होंने यूरोपीय देशों पर जो 10% टैरिफ लगाने का ऐलान किया था, उससे भी पीछे हट गए।

10% टैरिफ की धमकी और यूरोप की सख्त प्रतिक्रिया

ट्रम्प ने यूरोपीय देशों को चेतावनी दी थी कि 1 फरवरी से उन पर 10% का टैरिफ लगाया जाएगा। यह कदम यूरोप के लिए बड़ा झटका हो सकता था, क्योंकि अमेरिका और यूरोपीय यूनियन के बीच व्यापार अरबों डॉलर का है। ट्रम्प का यह दांव यूरोप पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा था।

इस संबंध में हम आपको बता दें कि, दुनिया को टैरिफ से डराने वाले डोनाल्ड ट्रम्प का यूरोप के आगे झुकना केवल एक राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक शक्ति संतुलन का संकेत है। ‘ट्रेड बाजूका’ यानी एंटी-कोएर्शन इंस्ट्रूमेंट ने यह साबित कर दिया कि यूरोपीय यूनियन जब एकजुट होती है, तो वह दुनिया की सबसे बड़ी ताकतों को भी अपने फैसले बदलने पर मजबूर कर सकती है।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version