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अमेरिका। अमेरिका में ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया बयानबाजी को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कई सांसदों ने ट्रंप के प्रशासन से मांग की है कि अमेरिकी संविधान के 25वें संशोधन का इस्तेमाल कर उन्हें पद से हटा दिया जाए। विवाद ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई धमकियों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने संबंधी बयानों से जुड़ा है।

डेमोक्रेटिक और कुछ पूर्व रिपब्लिकन नेताओं का तर्क है कि ट्रंप की इन बयानबाजियों ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन किया है और देश की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर दिया है। एरिजोना की कांग्रेसवुमन यासमीन अंसारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ट्रंप विनाशकारी और गैर-कानूनी युद्ध भड़का रहे हैं तथा बड़े पैमाने पर युद्ध अपराधों की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने पिछले 48 घंटों में ट्रंप की बयानबाजी को हद पार करने वाली बताया।

मिनेसोटा की कांग्रेसवुमन इल्हान उमर ने भी ट्रंप की धमकी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “यह बिल्कुल ठीक नहीं है। 25वें संशोधन को लागू करो। महाभियोग चलाओ। हटाओ।” इलिनोइस के पूर्व रिपब्लिकन कांग्रेसी जो वॉल्श ने ट्रंप को देश और दुनिया पर कलंक बताया तथा 25वें संशोधन की तत्काल मांग की। डेमोक्रेटिक सीनेट सदस्य क्रिस मर्फी और अन्य नेताओं ने भी इसी दिशा में अपील की।

25वां संशोधन 1967 में राष्ट्रपति जॉन एफ. केनेडी की हत्या के बाद लाया गया था। इसके तहत यदि उपराष्ट्रपति और कैबिनेट के अधिकांश सदस्य यह मानें कि राष्ट्रपति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में असमर्थ हैं, तो उपराष्ट्रपति कार्यवाहक राष्ट्रपति की भूमिका निभा सकता है। अब तक इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से अस्थायी रूप से शक्तियां सौंपने के मामलों में हुआ है, न कि किसी राष्ट्रपति को उनकी इच्छा के विरुद्ध हटाने के लिए।

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