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लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए डेयरी यूनिट स्थापित करने पर 50 प्रतिशत सब्सिडी देने की योजना शुरू की है। इस योजना के तहत पशुपालक और किसान 2 से 10 दुधारू पशुओं (गाय या भैंस) वाली डेयरी यूनिट पर कुल लागत का आधा हिस्सा सब्सिडी के रूप में प्राप्त कर सकेंगे।

उदाहरण के तौर पर यदि डेयरी यूनिट लगाने में 5 लाख रुपये का खर्च आए तो सरकार 2.5 लाख रुपये तक की सब्सिडी सीधे बैंक खाते में देगी। इस राशि का उपयोग दुधारू पशु खरीदने, शेड निर्माण, चारा काटने की मशीन और दूध निकालने की मशीनों पर किया जा सकता है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार बढ़ाना और पशुपालकों की आय दोगुनी करना है।

जानकारी दे दें कि, योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए तथा उसकी उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। आवेदक के पास पशुओं को रखने के लिए पर्याप्त जगह, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक और जमीन के दस्तावेज होने चाहिए।आवेदन पशुपालन विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन या जिले के मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी (CVO) कार्यालय में संपर्क करके किया जा सकता है। दस्तावेजों और जगह की जांच के बाद सब्सिडी मंजूर की जाएगी।

2 से 10 दुधारू पशुओं वाली डेयरी यूनिट पर मिलेगा लाभ

सरकार की इस योजना के अंतर्गत 2 से 10 दुधारू पशुओं वाली डेयरी यूनिट स्थापित करने वाले पात्र आवेदकों को सब्सिडी का लाभ मिलेगा। किसान अपनी आवश्यकता और निवेश क्षमता के अनुसार गाय या भैंस की डेयरी यूनिट शुरू कर सकते हैं।

योजना के अनुसार यदि किसी किसान को डेयरी यूनिट स्थापित करने में 5 लाख रुपये का खर्च आता है, तो सरकार उसकी कुल लागत का आधा यानी 2.5 लाख रुपये तक की सब्सिडी उपलब्ध करा सकती है। यह राशि स्वीकृति के बाद पात्र लाभार्थी के बैंक खाते में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार हस्तांतरित की जाएगी।

कौन उठा सकता है योजना का लाभ?

इस योजना का लाभ लेने के लिए सरकार ने कुछ पात्रता शर्तें निर्धारित की हैं। आवेदन करने वाला व्यक्ति—

  • उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।
  • उसकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
  • पशुओं को रखने के लिए पर्याप्त भूमि या स्थान उपलब्ध होना चाहिए।
  • डेयरी यूनिट स्थापित करने की क्षमता और आवश्यक दस्तावेज होने चाहिए।

सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सब्सिडी का लाभ वास्तविक और पात्र पशुपालकों तक पहुंचे तथा योजना का प्रभावी क्रियान्वयन हो।

उत्तर प्रदेश सरकार की यह 50 प्रतिशत सब्सिडी योजना उन किसानों और पशुपालकों के लिए राहत लेकर आई है जो सीमित संसाधनों के बावजूद डेयरी व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। शुरुआती निवेश में सरकारी सहायता मिलने से नए उद्यमियों को आर्थिक संबल मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

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