वेनेजुएला। वेनेजुएला में बुधवार शाम को मात्र 60 सेकेंड के अंतराल में दो बड़े भूकंप आए। पहले 7.2 तीव्रता का झटका शाम 6:34 बजे और दूसरा 7.5 तीव्रता का झटका 6:35 बजे दर्ज किया गया। इन भूकंपों से राजधानी कराकस समेत कई शहरों में भारी तबाही हुई है।अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, इन भूकंपों से 10 हजार से अधिक लोगों के मारे जाने की 44 प्रतिशत आशंका है, जबकि एक लाख लोगों के जान गंवाने की 30 प्रतिशत संभावना जताई गई है। दोनों भूकंप राजधानी कराकस से करीब 290 किलोमीटर पश्चिम में आए, जिससे कई इमारतें जमींदोज हो गईं या खतरनाक रूप से झुक गईं। कराकस एयरपोर्ट की छत का एक हिस्सा गिरने से धूल का गुबार उठता दिखाई दिया।
यह पिछले 126 वर्षों का सबसे शक्तिशाली भूकंप है। इससे पहले 1900 में 7.7 तीव्रता का भूकंप आया था। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है। अब तक 32 मौतों की पुष्टि हो चुकी है और 700 से अधिक लोग घायल हुए हैं। रेस्क्यू टीमें मलबे में फंसे लोगों को निकालने में लगी हुई हैं।भूकंप के बाद सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में गैस सप्लाई अस्थायी रूप से रोक दी है। ला गुआइरा राज्य सबसे अधिक प्रभावित हुआ है, जहां कम से कम 15 इमारतें ढह गईं। नागरिकों ने राहत और बचाव कार्यों में सहयोग कर रहे हैं।
वेनेजुएला में 60 सेकेंड के भीतर दो शक्तिशाली भूकंपों ने मचाई तबाही
दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला बुधवार शाम उस समय दहल उठा जब महज 60 सेकेंड के अंतराल में दो शक्तिशाली भूकंप आए। पहले भूकंप की तीव्रता 7.2 और दूसरे की 7.5 मापी गई। इन दोनों झटकों ने राजधानी कराकस सहित देश के कई हिस्सों में व्यापक तबाही मचा दी। भूकंप के कारण अनेक इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं, कई भवन ढह गए और हजारों लोग प्रभावित हुए हैं।
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, भूकंप का केंद्र राजधानी कराकस से लगभग 290 किलोमीटर पश्चिम में स्थित था। हालांकि झटकों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसका असर देश के बड़े हिस्से में महसूस किया गया। कई शहरों में लोगों को घरों और कार्यालयों से बाहर निकलकर खुले स्थानों में शरण लेनी पड़ी।
वेनेजुएला के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों को तेजी से पूरा करना है। हजारों लोग बेघर होने की आशंका के बीच सरकार और अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसियां मिलकर प्रभावित क्षेत्रों में मदद पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में आफ्टरशॉक्स की संभावना बनी रह सकती है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है।वेनेजुएला में आए इन दो शक्तिशाली भूकंपों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि प्राकृतिक आपदाएं कितनी विनाशकारी हो सकती हैं। राहत एवं बचाव कार्यों की सफलता और त्वरित सहायता ही प्रभावित लोगों को इस संकट से उबरने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
