भोपाल। मध्यप्रदेश में आगामी राज्यसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक समीकरण बिठाने का दौर शुरू हो गया है। इसी कड़ी में विंध्य क्षेत्र के ब्राह्मण नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी से मुलाकात कर अपनी ताकत का अहसास कराया।नेताओं ने स्पष्ट रूप से मांग रखी है कि विंध्य क्षेत्र से किसी ब्राह्मण चेहरे को राज्यसभा भेजा जाए, ताकि क्षेत्र में पार्टी की पकड़ फिर से मजबूत हो सके।
क्यों उठी यह मांग?
प्रतिनिधिमंडल ने बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण तर्क रखे:
पुराना गौरव वापस पाने की कोशिश: नेताओं ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस विंध्य में बेहद मजबूत थी। उनका मानना है कि ब्राह्मण नेतृत्व को आगे बढ़ाकर ही वैसी स्थिति दोबारा बनाई जा सकती है।
बीजेपी की रणनीति का हवाला: कांग्रेस नेताओं ने चिंता जताई कि वर्तमान में भाजपा ने डिप्टी सीएम से लेकर सांसद और विधायक स्तर तक ब्राह्मणों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया है, जबकि कांग्रेस में ब्राह्मण नेता हाशिए पर महसूस कर रहे हैं।
वोट बैंक का गणित: बैठक में विंध्य क्षेत्र के ब्राह्मण वोट बैंक के प्रभाव को रेखांकित किया गया और बताया गया कि बिना इस वर्ग के समर्थन के क्षेत्र में संगठन का पुनरुद्धार मुश्किल है।
आगे की रणनीति
पूर्व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गिरिजेज पांडे के नेतृत्व में हुई इस बैठक में जिला से लेकर संभाग स्तर तक की रणनीति पर चर्चा हुई। प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने नेताओं की बात को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि वे इस मांग और क्षेत्र की भावनाओं को AICC (अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी) तक पहुँचाएंगे।
