इस्लामाबाद में शनिवार 12 अप्रैल 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच महत्वपूर्ण शांति वार्ता होने जा रही है। पाकिस्तान इस बैठक की मेजबानी कर रहा है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसे ‘मेक-ऑर-ब्रेक’ की स्थिति बताया है, जो स्थायी युद्धविराम के लिए आखिरी मौका हो सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वार्ता से पहले कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि ईरान सैन्य रूप से जंग हार चुका है और अब अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खोलने जा रहा है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि यह अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र है और वहां किसी भी तरह की मनमानी, टैक्स या टोल वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस समुद्री रास्ते की सुरक्षा और मुक्त आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए तैयार है।
ट्रंप ने आगे कहा कि पिछली अमेरिकी सरकारें 47 साल से केवल बातें कर रही थीं। कल की बैठक ही तय करेगी कि आगे क्या होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैठक का नतीजा देखने के बाद ही आगे की बातचीत पर फैसला लिया जाएगा।ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अराघची वार्ता का नेतृत्व कर रहे हैं। अमेरिकी टीम की अगुवाई उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं। पाकिस्तान की ओर से प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, थल सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। पूरी मिडिल ईस्ट की शांति इस वार्ता के परिणाम पर निर्भर बताई जा रही है।
