नई दिल्ली।देश के कई किसान खेती की लागत कम करने और फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए पारंपरिक गोबर की खाद को नए तरीके से तैयार कर रहे हैं। महंगे रासायनिक खादों के नुकसान से बचने के लिए वे गोबर को खास प्रक्रिया से जलाकर जैविक खाद बना रहे हैं, जो फसलों के लिए अमृत साबित हो रही है।
इस संबंध में जानकारी दे दें कि, इस विधि में किसान गोबर को सीधे खेत में डालने की बजाय उसे विशेष तरीके से जलाते हैं। इससे राख और आधी जली खाद का मिश्रण तैयार होता है। यह विशेष जैविक खाद मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को कई गुना बढ़ा देती है, जिससे पौधों को जरूरी पोषक तत्व आसानी से मिल जाते हैं।
अंत में बताते चले कि, भिंडी की फसल के लिए यह खाद बेहद फायदेमंद बताई जा रही है। भिंडी के पौधों की जड़ों के पास इसे डालने से पौधों की ग्रोथ तेज होती है, रोग कम लगते हैं और फूलों व फलों की संख्या में भारी बढ़ोतरी होती है। भिंडी और साग की खेती में यह देसी फॉर्मूला असरदार साबित हो रहा है।यह तरीका किसानों को रासायनिक खादों पर निर्भरता घटाने में मदद कर रहा है।
