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समाचार मिर्ची

दिल्ली । कानपुर राजकीय संवासिनी गृह में अबतक 57 लड़कियां कोरोना पॉजिटिव पाये जाने के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप है। प्रशासन की चिंताएं उस वक्त और बढ़ गई जब इनमें से 7 गर्भवती पाई गईं। इस खबर के सामने आने के बाद सियासी हलकों और सोशल मीडिया पर कई अफवाहों की चर्चा तेज रही। तमाम लोगों ने सरकार और उनकी व्यवस्था पर सवाल उठाये. हालांकि कानपुर जिला प्रशासन ने तुरंत हरकत में आते हुये पूरे मामले की अपने स्तर पर जांच की। जिला कलेक्टर डा. ब्रह्म देव राम तिवारी ने बताया कि इस संरक्षण गृह में कुल 57 बालिकाएं कोविड पॉजिटिव पाई गई हैं. इनमें 7 गर्भवती थीं।

कांग्रेस ने भी साधा निशाना

कांग्रेस नेता पीएल पुनिया ने कहा कि कानपुर के बाल संरक्षण गृह में बच्चियों का गर्भवती पाया जाना और एक के एड्स का शिकार होने की घटना बेहद गंभीर है। इस पूरे घटना की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। कहते हैं बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ और बाल संरक्षण गृह में जहां पूरी उम्मीद के साथ सुरक्षा के लिए बच्चियों को भेजा जाता है वहां पर यह धंधा चल रहा है? पुनिया ने कहा कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने बहुत ही वाजिब सवाल पूछे हैं उनका जवाब मिलना चाहिए और जांच होनी चाहिए।

चौंकाने वाला मामला

स्वाती मालीवाल का कहना है कि कानपुर के सरकारी बालिका शेल्टर होम में 5 लड़कियों के गर्भवती, कुछ के एचआईवी (HIV) पॉजिटिव और 57 के करोना से संक्रमित होने का मामला काफ़ी चौंका देने वाला और गंभीर है. इस मामले की हाई कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच होना बहुत जरूरी है.

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