अमेरिका। अमेरिका ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर वह हार नहीं मानता तो उस पर और भी जोरदार हमला किया जाएगा। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप मजाक नहीं कर रहे हैं। अमेरिका ने ईरान को 15 सूत्रीय योजना पाकिस्तान के माध्यम से भेजी है, जिसमें परमाणु कार्यक्रम रोकना, यूरेनियम संवर्धन सीमित करना, बैलिस्टिक मिसाइलों पर नियंत्रण और होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रखने जैसी शर्तें शामिल हैं।
अमेरिका का दावा है कि उसने ईरान के 9,000 से अधिक ठिकानों पर हमले किए हैं, जिससे ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों की क्षमता 90 प्रतिशत कम हो गई है। साथ ही 140 से अधिक ईरानी नौसैनिक जहाज नष्ट हो चुके हैं। अमेरिका मध्य पूर्व में अतिरिक्त 2,500 सैनिक तैनात करने की योजना बना रहा है।
ईरान ने इन प्रस्तावों को ठुकराते हुए कहा है कि शांति की कोई उम्मीद नहीं है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अभी कोई असली बातचीत नहीं हो रही है और अमेरिकी प्रस्ताव विश्वसनीय नहीं हैं। ईरान ने युद्ध समाप्त करने के लिए अपनी शर्तें रखी हैं, जिसमें हमले बंद करना, भविष्य में युद्ध की गारंटी न होने का आश्वासन और क्षतिपूर्ति शामिल है।
ईरान ने स्पष्ट किया कि मित्र देशों के जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर सकते हैं, जिसमें भारत, चीन, रूस जैसे देश शामिल हैं। अमेरिका ने ईरान के अमेरिकी F-18 जेट गिराने के दावे को खारिज कर दिया है। यह घटनाक्रम इजरायल-ईरान संघर्ष के 27वें दिन की रिपोर्टों के बीच सामने आया है।
